
यूनिक समय, नई दिल्ली। गृह मंत्री अमित शाह आज लोकसभा में ‘इमीग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल 2025’ पर हो रही चर्चा का जवाब देंगे। इस बिल को 11 मार्च को लोकसभा में पेश किया गया था और इसके बाद से यह मुद्दा सुर्खियों में बना हुआ है। इस विधेयक में अवैध प्रवासियों के खिलाफ कड़े प्रावधान रखे गए हैं, जो देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा करने के लिए बनाए गए हैं।
‘इमीग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल 2025’ में विदेशियों के भारत में प्रवेश और निवास से जुड़ी कड़ी शर्तें हैं। इसके तहत अवैध रूप से रहने वाले विदेशियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति देश की सुरक्षा के लिए खतरा बनता है, या वह गलत दस्तावेजों के आधार पर यहां रहता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
बिल में यह भी कहा गया है कि इमिग्रेशन अधिकारी का निर्णय अंतिम माना जाएगा। अगर कोई विदेशी बिना वैध पासपोर्ट या यात्रा दस्तावेज के देश में आता है, तो उसे पांच साल तक की सजा या 5 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। वहीं, जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल या धोखाधड़ी से पासपोर्ट प्राप्त करने वालों को 2 से 7 साल तक की सजा और 1 लाख से 10 लाख रुपये तक जुर्माना भुगतना पड़ सकता है।
कांग्रेस ने इस बिल का विरोध करते हुए कहा है कि इसमें संतुलन का अभाव है और इसका दुरुपयोग होने की संभावना है। बिल के लागू होने के बाद भारत में इमिग्रेशन और विदेशी नागरिकों से संबंधित चार पुराने कानूनों को समाप्त किया जाएगा।
इस विधेयक का उद्देश्य अवैध प्रवासियों से देश को निजात दिलाना है, साथ ही भारत की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विदेशी नागरिकों के प्रवासन को नियंत्रित करना है।
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