
यूनिक समय, नई दिल्ली। BIMSTEC शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण प्रस्ताव दिए। एक अहम पहल के रूप में उन्होंने BIMSTEC सदस्य देशों के भुगतान प्रणालियों को यूनिफायड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) से जोड़ने का प्रस्ताव दिया, जिससे क्षेत्र में व्यापार, वाणिज्य और पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने BIMSTEC को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण मंच बताया। उन्होंने ‘BIMSTEC चैंबर ऑफ कॉमर्स’ की स्थापना और वार्षिक व्यापार शिखर सम्मेलन आयोजित करने का भी प्रस्ताव रखा, ताकि सदस्य देशों के बीच आर्थिक संबंध मजबूत हो सकें।
प्रधानमंत्री ने 28 मार्च को म्यांमार और थाईलैंड में आए भूकंप में हुई जानमाल की क्षति पर शोक व्यक्त किया। इसके साथ ही, उन्होंने आपदा प्रबंधन के लिए भारत में ‘BIMSTEC उत्कृष्टता केंद्र’ की स्थापना का सुझाव दिया, ताकि आपदा की तैयारी, राहत और पुनर्वास में सहयोग को बढ़ावा मिल सके।
पीएम मोदी ने BIMSTEC को दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया को जोड़ने वाला सेतु बताते हुए इसे क्षेत्रीय संपर्क, सहयोग और समृद्धि के नए रास्ते खोलने का एक प्रभावी मंच करार दिया। उन्होंने BIMSTEC के दायरे और क्षमताओं को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया और गृह मंत्रियों के तंत्र को संस्थागत बनाने का स्वागत किया, साथ ही भारत में पहली बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव रखा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह मंच साइबर अपराध, साइबर सुरक्षा खतरों, आतंकवाद, नशीली दवाओं के व्यापार और मानव तस्करी जैसी समस्याओं से निपटने में अहम भूमिका निभा सकता है। इसके अलावा, उन्होंने हिंद महासागर क्षेत्र को मुक्त, खुला और सुरक्षित बनाए रखने को साझा प्राथमिकता बताते हुए, समुद्री परिवहन समझौते पर हस्ताक्षर करने की बात की, जिससे व्यापारिक नौवहन और माल परिवहन में सहयोग को मजबूती मिलेगी।
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