
यूनिक समय, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने आज अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ऐतिहासिक भगवा ध्वज फहराया। यह ध्वजारोहण मंदिर निर्माण के पूरा होने और एक नए युग के शुभारंभ का प्रतीक है। ध्वजारोहण से पहले, पीएम मोदी ने रामलला के दर्शन किए और राम दरबार में पूजा-अर्चना भी की। इस मौके पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।
ध्वज की विशेषताएँ और महत्व
भगवा ध्वज, जो मंदिर के शिखर पर फहराया गया, 10 फीट ऊंचा और 20 फीट लंबा समकोण त्रिभुजाकार है, जो भगवान श्री राम के तेज और पराक्रम का प्रतीक है। इस ध्वजारोहण को मंदिर निर्माण की प्रक्रिया पूरी होने का आधिकारिक प्रतीक माना गया है।
नेताओं की प्रतिक्रियाएँ
ध्वजारोहण होते ही पूरा माहौल ‘जय श्री राम’ के नारों से गूँज उठा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीएम मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज का दिन हर भारतवासी के लिए गौरव का दिन है। उन्होंने घोषणा की कि हम एक नए भारत का दर्शन कर रहे हैं। अयोध्या बदहाली का शिकार हो गया था। आज अयोध्या में हर दिन नया पर्व है। अयोध्या वैश्विक उत्सवों की राजधानी है।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने इसे ‘राम राज्य का ध्वज’ बताते हुए कहा कि इसे शिखर पर लहराते हुए देखना सबके लिए सार्थक दिन है। उन्होंने कहा कि यह उन लोगों के सपनों की पूर्ति है जिन्होंने 500 सालों तक राम मंदिर के लिए संघर्ष किया और अपने जीवन का बलिदान दिया। भागवत ने स्पष्ट किया कि भगवा रंग धर्म का प्रतीक है।
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