Bangladesh Breaking News: अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को ‘मानवता के खिलाफ अपराध’ के पांच मामलों में फांसी की सजा

अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को फांसी की सजा

यूनिक समय, नई दिल्ली। बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराध के मामले में दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है। न्यायाधिकरण ने हसीना को सभी पांचों मामलों में दोषी ठहराया। उनके साथ, पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल और पूर्व आईजीपी चौधरी अब्दुल्ला अल मामून को भी सजा सुनाई गई है। अदालत के इस फैसले के बाद पूरे बांग्लादेश में तनाव का माहौल है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग ने देशव्यापी बंद (हड़ताल) का ऐलान किया है।

प्रमुख आरोप और अभियोजन पक्ष की मांग

अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना और अन्य पर जुलाई 2023 के छात्र आंदोलन को कुचलने की कोशिश करने का आरोप था, जिसके दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई में लगभग 1400 लोग मारे गए थे। अभियोजन पक्ष ने हसीना को हिंसा का मास्टरमाइंड बताते हुए मौत की सजा की मांग की थी।

शेख हसीना के खिलाफ वे पाँच मुख्य आरोप जिनमें उन्हें दोषी ठहराया गया:

पहला आरोप: हत्या, हत्या के प्रयास, यातना और अन्य अमानवीय कृत्यों को बढ़ावा देने, भड़काने और रोकने में विफल रहने का आरोप। कहा गया कि 14 जुलाई की प्रेस वार्ता के बाद, तत्कालीन उच्च अधिकारियों ने इन अपराधों में सहयोग किया।

दूसरा आरोप: हेलीकॉप्टरों, ड्रोनों और घातक हथियारों के इस्तेमाल से छात्र प्रदर्शनकारियों के सफाए का आदेश देने का आरोप। गृह मंत्री और पुलिस महानिरीक्षक पर इस आदेश को लागू करने में मदद का आरोप था।

तीसरा आरोप: रंगपुर में बेगम रोकैया विश्वविद्यालय के पास एक प्रदर्शनकारी छात्र अबू सईद की हत्या का आरोप। इसमें भड़काऊ बयानबाजी करने और घातक हथियारों के इस्तेमाल का आदेश देने में उनकी भागीदारी बताई गई।

चौथा आरोप: 5 अगस्त को ढाका के चंखरपुल में छह निहत्थे प्रदर्शनकारियों की गोली मारकर हत्या करने का आरोप। अभियोजन पक्ष ने इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताया, जो अभियुक्तों के आदेश और साजिश के तहत किया गया।

पांचवां आरोप: 5 अगस्त को अशुलिया में छह छात्र प्रदर्शनकारियों की गोली मारकर हत्या करने का आरोप, जिनमें से पाँच को बाद में जला दिया गया, जबकि छठे को कथित तौर पर जीवित रहते हुए आग लगा दी गई थी।

शेख हसीना का पक्ष और पार्टी की प्रतिक्रिया

फैसले से पहले, शेख हसीना ने अपने बयान में सभी आरोपों को पूरी तरह से झूठा बताया था। एक ऑडियो संदेश में उन्होंने कहा कि “हम इन हमलों और मामलों को बहुत देख चुके हैं। मुझे परवाह नहीं, अल्लाह ने मुझे ज़िंदगी दी है, और एक दिन मेरी मौत आएगी, लेकिन मैं अपने देश के लोगों के लिए काम कर रही हूँ और करना जारी रखूंगी। हमारे संविधान के अनुच्छेद 7(b) में साफ़ लिखा है कि जो कोई भी निर्वाचित प्रतिनिधियों को जबरन सत्ता से हटाएगा, उसे सज़ा दी जाएगी। यूनुस ने ठीक यही किया (मुझे ज़बरदस्ती सत्ता से हटाकर)। अगर कोई अदालत में झूठी शिकायत दर्ज कराता है, तो उस पर क़ानून के तहत मुकदमा चलाया जाएगा, और एक दिन ऐसा होगा। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से सजा के बारे में चिंता न करने को कहा है, जबकि अवामी लीग ने विरोध में देशव्यापी बंद का ऐलान कर दिया है।

नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

ये भी पढ़ें: UP News: सपा नेता आज़म खान और बेटे अब्दुल्ला को 7 साल की कैद और 50 हज़ार का जुर्माना, कोर्ट ने हिरासत में लिया

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*