
यूनिक समय, मथुरा। विश्व प्रसिद्ध ठाकुर श्री बांके बिहारी मंदिर के प्रस्तावित भव्य कॉरिडोर निर्माण की दिशा में मंगलवार को एक और बड़ी और प्रेरक उपलब्धि हासिल हुई। कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत मंदिर के पक्ष में दूसरी रजिस्ट्री सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है। श्रद्धालु मनीष मिश्रा ने अपनी अटूट आस्था का परिचय देते हुए 322 वर्ग मीटर भूमि (मकान/दुकान) भगवान श्री बांके बिहारी जी के चरणों में समर्पित कर दी है।
आस्था और समर्पण की मिसाल
मनीष मिश्रा का यह निर्णय केवल एक भूमि हस्तांतरण नहीं, बल्कि सनातन परंपरा के प्रति गहरी श्रद्धा और सेवा भाव का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने अपने मकान और दुकान को मंदिर से जुड़े पावन कार्यों और कॉरिडोर के निर्माण के लिए दान स्वरूप रजिस्ट्री किया है। स्थानीय नागरिकों और देश-भर से आने वाले श्रद्धालुओं द्वारा मनीष मिश्रा के इस पुण्य कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की जा रही है।
जिला प्रशासन ने जताया आभार
इस ऐतिहासिक अवसर पर जिलाधिकारी मथुरा ने मनीष मिश्रा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्य समाज में एक सकारात्मक संदेश देते हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बांके बिहारी कॉरिडोर केवल पत्थरों और कंक्रीट का ढांचा नहीं है, बल्कि यह करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और उनकी धार्मिक भावनाओं से जुड़ा एक पवित्र मिशन है। यह कॉरिडोर धार्मिक पर्यटन को व्यवस्थित करने में मील का पत्थर साबित होगा।
प्रशासन की भावुक अपील
जिलाधिकारी मथुरा ने उन सभी दुकानदारों और मकान स्वामियों से एक बार फिर विनम्र अपील की है, जिनकी संपत्तियां कॉरिडोर के दायरे में आ रही हैं। उन्होंने कहा सभी प्रभावित संपत्ति स्वामी इस पुनीत और ऐतिहासिक कार्य में स्वेच्छा से आगे आएं।
जो भी श्रद्धालु स्वेच्छा से मंदिर के पक्ष में रजिस्ट्री कराना चाहते हैं, वे सीधे जिला प्रशासन या संबंधित विभाग से संपर्क कर सकते हैं। यह परियोजना ब्रज की प्राचीन विरासत के संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं के संगम का प्रतीक बनेगी।
क्यों जरूरी है कॉरिडोर?
वृंदावन की तंग गलियों में श्रद्धालुओं की बढ़ती भारी भीड़ को नियंत्रित करने और भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कॉरिडोर का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। मनीष मिश्रा जैसे श्रद्धालुओं के सहयोग से इस जटिल परियोजना को गति मिल रही है, जिससे भगवान बांके बिहारी के दर्शन और अधिक सुलभ और सुरक्षित हो सकेंगे।
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