सावधान! ‘ChiChi Call’ वायरल वीडियो के नाम पर हो रही है बड़ी डिजिटल डकैती; एक क्लिक और खाली हो जाएगा बैंक खाता

ChiChi Call scam

यूनिक समय, नई दिल्ली। इंटरनेट की दुनिया में इन दिनों ‘ChiChi Call’ और Vera Hill के नाम से एक कथित लीक वीडियो का लिंक तेजी से वायरल हो रहा है। अगर आप भी इसे देखने की उत्सुकता में किसी लिंक पर क्लिक करने की सोच रहे हैं, तो रुक जाइए। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह कोई वीडियो नहीं, बल्कि एक बेहद खतरनाक ‘मैलवेयर स्कैम’ है, जो आपके फोन और बैंकिंग क्रेडेंशियल्स को हैक करने के लिए डिजाइन किया गया है।

क्या है ‘ChiChi Call’ स्कैम का सच?

‘ChiChi Call’ स्कैम के पीछे का सच यह है कि ठग फिलीपींस की लोकप्रिय लाइफस्टाइल इंफ्लुएंसर वेरा हिल (Vera Hill), जिन्हें लोग ChiChi के नाम से जानते हैं, की लोकप्रियता का गलत फायदा उठा रहे हैं। स्कैमर्स द्वारा उनके एक निजी वीडियो कॉल के लीक होने का झूठा दावा किया जा रहा है, जबकि फैक्ट चेकर्स ने स्पष्ट किया है कि इंटरनेट पर ऐसा कोई भी वीडियो मौजूद नहीं है और यह पूरी प्रक्रिया केवल एक सुनियोजित साइबर ठगी का हिस्सा है।

इस जाल को फैलाने के लिए ठगों ने ‘SEO पॉइजनिंग’ जैसी तकनीक का सहारा लिया है, जिसके तहत गूगल और सोशल मीडिया पर “ChiChi Video Call Full” जैसे आकर्षक कीवर्ड्स का जाल बिछाया गया है ताकि वीडियो ढूंढने वाले लोग अनजाने में उनके खतरनाक लिंक्स पर क्लिक कर बैठें।

कैसे काम करता है यह जाल?

जैसे ही कोई असावधान यूजर इन लुभावने लिंक्स पर क्लिक करता है, वह अनजाने में साइबर अपराधियों द्वारा बुने गए एक बेहद जटिल जाल में फंसता चला जाता है। इस प्रक्रिया के पहले चरण में क्लिक करते ही यूजर का आईपी एड्रेस और उसकी सटीक लोकेशन तुरंत अपराधियों के पास पहुंच जाती है, जिससे आपकी प्राइवेसी खतरे में पड़ जाती है। इसके बाद वीडियो दिखाने का झांसा देकर आपको एक नकली फेसबुक या सोशल मीडिया लॉगिन पेज पर भेजा जाता है, जहां क्रेडेंशियल दर्ज करते ही आपका पासवर्ड चोरी (फिशिंग) कर लिया जाता है।

ठगी का सिलसिला यहीं नहीं रुकता, बल्कि कई बार वीडियो प्ले करने के बहाने एक ‘स्पेशल प्लेयर’ या ‘प्लगइन’ डाउनलोड करने का दबाव बनाया जाता है जो वास्तव में एक खतरनाक मैलवेयर होता है। यह मैलवेयर आपके फोन में छिपकर ‘की-लॉगर’ की तरह काम करने लगता है, जो आपके द्वारा टाइप किए गए हर बटन, जैसे कि बैंक पासवर्ड और गोपनीय पिन, को रिकॉर्ड करके सीधे अपराधियों के सर्वर पर भेज देता है।

शेयर करना पड़ सकता है महंगा

भारत में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act), 2000 और भारतीय न्याय संहिता के तहत किसी की निजी सामग्री या डीपफेक वीडियो को फैलाना एक गंभीर दंडनीय अपराध है। चाहे वीडियो असली हो या फर्जी, उसे आगे शेयर करने पर आपको जेल की हवा खानी पड़ सकती है। यूजर्स को सलाह दी जाती है कि वे जानकारी की सावधानीपूर्वक कन्फर्म करें और संभावित रूप से हानिकारक या अवैध मैटिरियल को आगे फैलाने से बचें।

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