
यूनिक समय, मथुरा। महर्षि दयानंद सरस्वती जिला अस्पताल स्थित होम्योपैथिक विभाग की ओपीडी की हालत इतनी खराब है कि उसकी छत और दीवारों का प्लास्टर लगातार गिर रहा है, लेकिन इसके बावजूद सीएमएस द्वारा इसकी मरम्मत नहीं कराई जा रही है। शायद उन्हें किसी बड़े हादसे का इंतजार है।
महर्षि दयानंद सरस्वती जिला अस्पताल में हालांकि कायाकल्प योजना के तहत काफी सफाई और रंगाई पुताई का काम अस्पताल की पूरी बिल्डिंग में कराया जा रहा है। अस्पताल ही में जिला होम्योपाथिक ओपीडी भी है। यहां काफी संख्या में मरीज हर रोज अपना इलाज कराने के लिए आते हैं। ओपीडी में दो छोटे-छोटे कमरे हैं। एक कमरे में डाक्टर बैठकर मरीजों को देखते हैं। उसके बराबर में मरीजों के लिए परचा बनाने और दवाओं को देने के लिए कंपाउंडर बैठता है। कंपाउंडर दोनों काम करता है। परचा बनाने और दवा देने का काम। बिल्डिंग पुरानी चूने की बनी है।
इन दोनों कमरों की दीवारों का प्लास्टर टूट-टूट कर गिर रहा है। यही नहीं छतों की हालत तो और भी ज्यादा खराब है। छत से कब और किस समय प्लास्टर डाक्टर और मरीज के सिर पर आ गिरे। इसकी कोई गारंटी नहीं है। इस बारे में जब ओपीडी के चिकित्सक से जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि इस बारे में कई बार लिखित शिकायत अधिकारियों को दी गई है, लेकिन ओपीडी में मरम्मत नहीं कराई गई है।
ये भी पढ़ें: Mathura News: गरीब एकता दल ने स्कूल जाने वाली छात्राओं के लिए उठाई मुफ्त बस यात्रा की माँग
Leave a Reply