
यूनिक समय, नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के 20-25 साल के बेरोजगार ग्रेजुएट युवाओं के लिए एक बड़ी घोषणा की है। ‘मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना’ का विस्तार करते हुए, अब 20 से 25 साल की आयु के ऐसे युवक और युवतियों को, जिनके पास कोई नौकरी या स्वरोजगार नहीं है, सरकार की ओर से हर महीने 1000 रुपये का भत्ता दिया जाएगा। यह आर्थिक सहायता अधिकतम दो साल के लिए होगी।
क्यों शुरू हुई यह योजना?
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान आर्थिक रूप से मजबूत करना है। नीतीश कुमार ने बताया कि जब तक युवा आत्मनिर्भर नहीं होंगे, तब तक वे अपनी पढ़ाई पर ठीक से ध्यान नहीं दे पाएंगे। यह पहल युवाओं को सशक्त और सक्षम बनाने के लिए सरकार की प्राथमिकता को दर्शाती है, जिसका लक्ष्य अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार देना है।
20-25 आयु वर्ग के वैसे स्नातक युवक/युवतियां जो कहीं पढ़ाई नहीं कर रहे हैं तथा नौकरी/रोजगार के लिए प्रयासरत हैं, उनके पास कोई स्वरोजगार नहीं है या उनके पास कोई सरकारी, निजी या गैर सरकारी रोजगार नहीं है, उन्हें भी अधिकतम दो वर्षों के लिए 1000 रुपये प्रतिमाह की दर से मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता का भुगतान किया जाएगा।
किसे मिलेगा लाभ?
इस योजना का लाभ उन कला, विज्ञान और वाणिज्य से स्नातक उत्तीर्ण युवाओं को मिलेगा, जो कहीं भी अध्ययनरत नहीं हैं और नौकरी या स्वरोजगार की तलाश में हैं। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि इस भत्ते का उपयोग युवा अपनी तैयारी और कौशल विकास के प्रशिक्षण में करेंगे, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके और वे राज्य के विकास में अपना योगदान दे सकें।
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