
यूनिक समय, नई दिल्ली। देश की सबसे समृद्ध नगर निकाय बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के नतीजों ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत कर दी है। तीन दशकों से मुंबई की सत्ता पर काबिज ठाकरे परिवार का राज खत्म होता नजर आ रहा है और भारतीय जनता पार्टी ने 45 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अपना मेयर बनाने की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। इस ऐतिहासिक जीत के नायक बनकर उभरे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सम्मान में पूरी मुंबई ‘धुरंधर देवेंद्र’ के पोस्टरों से पट गई है।
बीएमसी में भाजपा बनी सबसे बड़ी ताकत
कुल 227 वार्डों वाली मुंबई महानगरपालिका (BMC) में भाजपा ने 89 सीटें जीतकर खुद को सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति के रूप में स्थापित किया है। भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष और नवनिर्वाचित नगरसेवक तजिंदर सिंह तिवाना द्वारा लगाए गए ‘धुरंधर देवेंद्र’ के पोस्टर इस समय पूरी मायानगरी में चर्चा का विषय बने हुए हैं। इन पोस्टरों के जरिए भाजपा ने न केवल अपनी जीत का जश्न मनाया है, बल्कि यह संदेश भी दिया है कि मुंबई की राजनीति अब मुख्यमंत्री फडणवीस के नेतृत्व में एक नई दिशा की ओर बढ़ रही है।
विपक्ष का गणित
नतीजों में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) को 65 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा है। वहीं, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 29 सीटें और कांग्रेस ने 24 सीटें हासिल की हैं। अन्य दलों की बात करें तो एमआईएमआईएम (8), मनसे (6), एनसीपी-अजित पवार (3), समाजवादी पार्टी (2) और एनसीपी-शरद पवार (1) सीट जीतने में सफल रही।
29 में से 25 निकायों पर ‘भगवा’ का कब्जा
सिर्फ मुंबई ही नहीं, बल्कि पूरे महाराष्ट्र के निकाय चुनावों में भाजपा-शिवसेना गठबंधन (महायुति) ने प्रचंड जीत दर्ज की है। राज्य की 29 महानगरपालिकाओं में से 25 पर गठबंधन का परचम लहराया है। भाजपा ने पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ में शरद पवार और अजित पवार के संयुक्त किलों को ढहा दिया है। कुल 2,869 सीटों में से भाजपा अकेले 1441 सीटें जीतकर निर्विवाद रूप से नंबर वन पार्टी बनी है। एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 405 सीटें मिली हैं। कांग्रेस को केवल लातूर, चंद्रपुर और भिवंडी-निजामपुर में ही कुछ राहत मिली है। लातूर में कांग्रेस ने 70 में से 43 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत प्राप्त किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों की राय
जानकारों का मानना है कि मुंबई में भाजपा का उदय और ठाकरे गुट का पिछड़ना राज्य की भविष्य की राजनीति के लिए बड़ा टर्निंग पॉइंट है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की रणनीति ने न केवल मुंबई बल्कि ठाणे, नवी मुंबई, नासिक और पनवेल जैसे महत्वपूर्ण शहरों में भी भाजपा को शीर्ष पर पहुंचा दिया है। 45 साल के इंतजार के बाद मुंबई को भाजपा का मेयर मिलना पार्टी के लिए एक बड़ी वैचारिक और राजनीतिक जीत मानी जा रही है।
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