
यूनिक समय, नई दिल्ली। बोफोर्स घोटाला मामले से जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है। CBI ने अमेरिका को एक Letter of Rogatory भेजकर निजी जासूस माइकल हर्शमैन को खोजने और उनसे पूछताछ करने की अपील की है। यह कदम 1980 के दशक में घोटाले के समय हुई अनियमितताओं की जांच के संदर्भ में उठाया गया है।
माइकल हर्शमैन, जो एक निजी जासूस हैं, ने एक टीवी चैनल को दिए गए इंटरव्यू में दावा किया था कि वह बोफोर्स तोप घोटाले की जांच में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उनका कहना था कि इस मामले से जुड़े कई पहलुओं को उजागर करने में वह मदद कर सकते हैं। हर्शमैन का बयान बोफोर्स घोटाले के मामले में एक नए मोड़ के रूप में सामने आया है, जिसने जांच एजेंसियों को और अधिक सबूतों के लिए प्रेरित किया है।
दिल्ली की अदालत के आदेश के बाद, अक्टूबर 2024 में CBI ने अमेरिका को यह पत्र भेजने की प्रक्रिया शुरू की। CBI ने इस पत्र के माध्यम से अमेरिका से हर्शमैन से पूछताछ करने, जरूरी दस्तावेज और गवाहों के बयान जुटाने का अनुरोध किया है। हालांकि, प्रशासनिक स्वीकृतियों और कानूनी प्रक्रियाओं के कारण इसे पूरा होने में लगभग 90 दिन का समय लग सकता है।
यह कदम बोफोर्स घोटाला से जुड़े अनसुलझे सवालों को सुलझाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, जो भारतीय राजनीति और रक्षा खरीद में एक गंभीर घोटाले के रूप में सामने आया था। CBI अब अमेरिका से जरूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए इस पत्र को लेकर आगे की कार्यवाही करेगी।
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