
यूनिक समय, नई दिल्ली। महाराष्ट्र की राजनीति के कद्दावर नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसने सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। अजित पवार के बेहद करीबी सहयोगी और पवार परिवार के 40 वर्षों से विश्वासपात्र रहे किरण गुजर ने दावा किया है कि ‘दादा’ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के विलय के लिए पूरी तरह तैयार थे और इसकी प्रक्रिया भी अंतिम चरण में थी।
विमान हादसे से 5 दिन पहले हुई थी आखिरी बात
अजित पवार की अस्थि विसर्जन के दौरान मीडिया से बात करते हुए किरण गुजर भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि 28 जनवरी को हुए विमान हादसे से महज 5 दिन पहले उनकी अजित दादा से लंबी बात हुई थी। गुजर के अनुसार, अजित पवार ने स्पष्ट कहा था कि “विलय की पूरी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अगले कुछ दिनों में दोनों गुट एक हो जाएंगे।”
शरद पवार और सुप्रिया सुले भी थे सहमत
किरण गुजर ने खुलासा किया कि इस विलय को लेकर केवल अजित पवार ही नहीं, बल्कि शरद पवार और सुप्रिया सुले के साथ भी सकारात्मक बातचीत चल रही थी। अजित दादा ने एक रोडमैप तैयार किया था ताकि बारामती और महाराष्ट्र के विकास के लिए पूरी ताकत को एकजुट किया जा सके। हालिया नगर निगम चुनावों में दोनों गुटों का साथ आना इसी विलय की पहली सीढ़ी थी।
अधूरा रह गया ‘दादा’ का आखिरी सपना
अजित पवार चाहते थे कि परिवार और पार्टी के बीच की दूरियां खत्म हों। उन्होंने अगले महीने होने वाले जिला परिषद चुनावों के लिए भी साझा रणनीति तैयार कर ली थी। गुजर ने कहा कि अब अजित दादा के निधन के बाद यह और भी जरूरी हो गया है कि दोनों गुट उनकी आखिरी इच्छा का सम्मान करते हुए एक साथ आ जाएं।
राजनीतिक सफर की यादें
किरण गुजर ने उन दिनों को भी याद किया जब 1980 के दशक में अजित पवार राजनीति में आने के लिए तैयार नहीं थे और केवल खेती पर ध्यान देना चाहते थे। लेकिन शरद पवार के मुख्यमंत्री बनने के बाद बारामती को युवा नेतृत्व देने के लिए उन्होंने कमान संभाली।
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