
यूनिक समय, नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के ऊंचे इलाकों में कुदरत का कहर देखने को मिल रहा है। हाल ही में हुई भारी बर्फबारी के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से केंद्र शासित प्रदेश के पांच संवेदनशील जिलों के लिए हिमस्खलन (Avalanche) की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने अगले 24 घंटों के दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को बेहद सतर्क रहने की सलाह दी है।
इन 5 जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी
प्रशासन ने जिन जिलों के लिए कम खतरे वाली हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है, उनमें शामिल हैं; डोडा, गांदरबल, किश्तवाड़, पुंछ, और रामबन।
अधिकारियों के मुताबिक, समुद्र तल से 2,800 मीटर और उससे अधिक की ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ की परतों के खिसकने की प्रबल संभावना है। स्थानीय निवासियों से अपील की गई है कि वे ढलान वाले और हिमस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचें और आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करें।
क्या है एवलांच?
एवलांच या हिमस्खलन एक ऐसी प्राकृतिक घटना है जिसमें पहाड़ों की ऊंची चोटियों पर जमी बर्फ का भारी हिस्सा अपने ही दबाव के कारण टूटकर नीचे गिरने लगता है।
जब बर्फ की ऊपरी परतें कमजोर हो जाती हैं, तो वे एक विशाल सफेद सैलाब की तरह नीचे आती हैं, जिसकी चपेट में आने वाली हर चीज तबाह हो सकती है। पिछले कुछ दिनों में हुई ताजा और भारी बर्फबारी के कारण पुरानी बर्फ पर दबाव बढ़ गया है, जिससे यह खतरा पैदा हुआ है।
कश्मीर में मौसम का मिजाज
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के पूर्वानुमान के अनुसार, कश्मीर घाटी में फिलहाल राहत की उम्मीद कम ही है। 28 दिसंबर तक आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे, जिससे कड़ाके की ठंड और ‘चिल्लईं कलां’ का असर बढ़ेगा। 29 दिसंबर से 1 जनवरी के बीच जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में भारी बर्फबारी और बारिश के आसार जताए गए हैं, जो जनवरी की शुरुआत तक जारी रह सकते हैं।
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