
यूनिक समय, नई दिल्ली। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की पुत्री रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर सनसनीखेज पोस्ट करते हुए राजनीति छोड़ने और अपने परिवार से दूरी बनाने का ऐलान किया है। रोहिणी के इस फैसले ने बिहार चुनाव में RJD की हार के बाद लालू परिवार और पार्टी के अंदर चल रहे अंदरूनी घमासान को सतह पर ला दिया है।
संजय यादव और रमीज पर सीधा आरोप
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी पोस्ट में तेजस्वी यादव के दो बेहद करीबी सलाहकारों पर सीधे आरोप लगाए है। उन्होंने लिखा, “मैं राजनीति छोड़ रही हूं और अपने परिवार से भी नाता तोड़ रही हूं। यह वही बात है जो संजय यादव और रमीज ने मुझसे कहने को कहा था। मैं सारी जिम्मेदारी ले रही हूं।”
दखल से नाराज़गी और आत्म-सम्मान का सवाल
दरअसल, रोहिणी आचार्य काफी समय से तेजस्वी यादव के करीबी राज्यसभा सांसद संजय यादव की पार्टी में बढ़ती दखलंदाजी से नाराज चल रही थीं। उन्होंने 18 सितंबर को भी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए संजय यादव को निशाना बनाया था। उस पोस्ट में लिखा था कि “फ्रंट सीट सदैव शीर्ष के नेता – नेतृत्वकर्त्ता के लिए चिन्हित होती है और उनकी अनुपस्थिति में भी किसी को उस सीट पर नहीं बैठना चाहिए।” रोहिणी ने परोक्ष रूप से संजय यादव पर लालू-तेजस्वी की जगह लेने की कोशिश करने का आरोप लगाया था।
उन्होंने अपने पिता लालू प्रसाद यादव को जीवनदान देने वाला फोटो-वीडियो शेयर करते हुए भावुक पोस्ट भी लिखा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि “”जो जान हथेली पर रखते हुए बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने का जज्बा रखते हैं, बेखौफी-बेबाकी-खुद्दारी तो उनके लहू में बहती है। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी लिखा था कि “मैंने एक बेटी व बहन के तौर पर अपना कर्त्तव्य एवं धर्म निभाया है और आगे भी निभाती रहूंगी। मुझे किसी पद की लालसा नहीं है, न मेरी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा है। मेरे लिए मेरा आत्म-सम्मान सर्वोपरि है।”
समर्थकों में मायूसी, संजय यादव का खंडन
रोहिणी के इस ऐलान से RJD कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों में मायूसी छा गई है। उनके समर्थकों ने लिखा है कि बिहार की जनता उनकी कुर्बानी को कभी नहीं भूलेगी। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के लिए आपने जो किया उसे भूला नहीं जा सकता। दूसरे समर्थक ने लिखा कि अपनी किडनी अपने पिता को देकर आपने उन्हें जीवनदान दिया।
हालांकि, रोहिणी के पोस्ट के बाद संजय यादव ने रोहिणी आचार्य के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने साफ कहा कि “रोहिणी दीदी ने जो कहा, उसका संदर्भ हम सब भली-भांति समझते हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी पूरी तरह से एकजुट है, और किसी प्रकार का कोई भ्रम या मतभेद नहीं है।
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