
यूनिक समय, नई दिल्ली। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार के लिए कानूनी मोर्चे पर बड़ी खबर सामने आई है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को जमीन के बदले नौकरी (Land for Job) से जुड़े कथित घोटाले के मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती और तेजस्वी यादव सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप (Charges) तय करने का आदेश दिया है।
29 जनवरी को तय होंगे आरोप
अदालत ने इस मामले की सुनवाई करते हुए सभी आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया था। अधिवक्ता अजाज अहमद के अनुसार, सीबीआई (CBI) अदालत ने लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मीसा भारती और हेमा यादव के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी), 120बी (आपराधिक साजिश) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 के तहत आरोप तय करने का निर्णय लिया है। कोर्ट इन औपचारिक आरोपों को 29 जनवरी को तय करेगा।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव 2004 से 2009 के बीच केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का आरोप है कि भारतीय रेलवे के पश्चिम मध्य क्षेत्र (जबलपुर) में ग्रुप-डी पदों पर नियुक्तियां नियमों को ताक पर रखकर की गईं। नियुक्तियां उन लोगों को दी गईं जिन्होंने लालू यादव के परिवार के सदस्यों या उनके करीबियों के नाम पर अपनी जमीन उपहार में दी या बेहद कम दामों पर ट्रांसफर की। जांच एजेंसी का दावा है कि इन सौदों में कई बेनामी संपत्तियां शामिल थीं, जो एक सोची-समझी आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार का हिस्सा हैं।
103 आरोपियों में से 5 का निधन
इससे पहले 19 दिसंबर को हुई सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने आदेश सुरक्षित रख लिया था। सीबीआई ने अपनी सत्यापन रिपोर्ट में अदालत को सूचित किया है कि इस मामले की चार्जशीट में नामित कुल 103 आरोपियों में से 5 की मृत्यु हो चुकी है। यह आदेश राजद प्रमुख और उनके परिवार के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि अब इस मामले में नियमित ट्रायल (मुकदमा) शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।
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