
यूनिक समय, नई दिल्ली। दिल्ली में अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी द्वारा शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों की एंट्री पर रोक लगाने के मामले ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। यह 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद भारत का दौरा करने वाले पहले उच्च-स्तरीय अफगान प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं।
महिला पत्रकारों को बाहर रखने पर विवाद
शुक्रवार को दिल्ली स्थित अफगान दूतावास में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में करीब 20 पत्रकार शामिल हुए, लेकिन इनमें एक भी महिला पत्रकार नहीं थी। कई महिला पत्रकारों ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उन्हें जानबूझकर एंट्री नहीं दी गई।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुत्ताकी के साथ आए तालिबान अधिकारियों ने ही यह तय किया था कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में कौन शामिल होगा। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इस भेदभावपूर्ण शर्त की सूचना भारतीय अधिकारियों को पहले दी गई थी या नहीं।
अफगानिस्तान में 15 अगस्त, 2021 को तालिबान के कब्जे के बाद से, महिलाओं पर शिक्षा, सार्वजनिक रूप से बोलने और खेलों में भाग लेने सहित कई तरह के कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं।
कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला
इस घटना के बाद कांग्रेस ने केंद्र की भाजपा सरकार पर कड़ा हमला बोला है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने महिला पत्रकारों की रोक पर शनिवार को X पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधा सवाल किया। उन्होंने पूछा, “प्रधानमंत्री जी, कृपया तालिबान के प्रतिनिधि के भारत दौरे पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस से महिला पत्रकारों को हटाए जाने पर अपनी स्थिति स्पष्ट करें। यदि महिलाओं के अधिकारों के प्रति आपकी मान्यता एक चुनाव से दूसरे चुनाव तक अपनी सुविधानुसार दिखावा मात्र नहीं है, तो फिर भारत की कुछ सबसे सक्षम महिलाओं का अपमान हमारे देश में कैसे होने दिया गया, जबकि महिलाएं ही इसकी रीढ़ और गौरव हैं।
पूर्व गृह मंत्री और कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने X पर आश्चर्य व्यक्त किया और कहा कि मुझे इस बात पर हैरानी है कि अफ़ग़ानिस्तान के अमीर ख़ान मुत्तक़ी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों को शामिल नहीं किया गया। मुझे लगता है कि जब पुरुष पत्रकारों को पता चला कि उनकी महिला सहकर्मियों को आमंत्रित नहीं किया गया है, तो उन्हें वहाँ से चले जाना चाहिए था।
कांग्रेस सांसद कार्ति पी. चिदंबरम ने विदेश मंत्रालय और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के आचरण पर कड़ी निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि “मैं उन भू-राजनीतिक मजबूरियों को समझता हूं, जो हमें तालिबान के साथ बातचीत करने के लिए मजबूर करती हैं, लेकिन उनके भेदभावपूर्ण और साधारण रीति-रिवाजों को मानना बिल्कुल हास्यास्पद है। तालिबान मंत्री की प्रेस वार्ता से महिला पत्रकारों को बाहर रखने में विदेश मंत्रालय और एस जयशंकर का आचरण बेहद निराशाजनक है।”
अफगान मंत्री का भारत दौरा
अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी 9 अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक एक सप्ताह के लिए भारत दौरे पर हैं। अपनी यात्रा के पहले दिन, मुत्ताकी ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बैठक की थी, जिसमें दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने के सहयोगात्मक प्रयासों पर चर्चा हुई थी।
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