
यूनिक समय, नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विजयदशमी के अवसर पर गुजरात के कच्छ में शस्त्र पूजन कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद भारतीय सैनिकों को संबोधित करते हुए पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि, “यदि पाकिस्तान की ओर से सरक्रीक क्षेत्र में कोई दुस्साहस करने की कोशिश की गई, तो उसे ऐसा निर्णायक जवाब दिया जाएगा कि इतिहास और भूगोल दोनों बदल जाएंगे।” उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के सभी उद्देश्यों को सफलतापूर्वक हासिल कर लिया है, लेकिन सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ उसकी लड़ाई जारी रहेगी।
शस्त्र पूजन: धर्म की रक्षा के लिए शक्ति का प्रयोग
गुजरात के भुज स्थित एक सैन्य अड्डे पर सैनिकों को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि शस्त्रों की भक्ति, आसुरी शक्तियों पर दैवी शक्ति की विजय की महानता का प्रतीक है। इसलिए, जब हम शस्त्रों की पूजा करते हैं, तो हम इस शक्ति का उपयोग केवल धर्म और न्याय की रक्षा के लिए करने का संकल्प भी लेते हैं। भगवान राम ने अपने जीवन में इसी संकल्प का परिचय दिया। जब उन्होंने रावण के विरुद्ध युद्ध किया, तो उनके लिए युद्ध केवल विजय का साधन नहीं, बल्कि धर्म की स्थापना का साधन था। यहाँ तक कि जब महाभारत का युद्ध भगवान कृष्ण के मार्गदर्शन में लड़ा गया, तो उसका उद्देश्य पांडवों की विजय सुनिश्चित करना नहीं, बल्कि धर्म की स्थापना करना था। शस्त्रों की पूजा इस बात का प्रतीक है कि भारत न केवल शस्त्रों की पूजा करता है, बल्कि समय आने पर उनका उपयोग करना भी जानता है।
पाकिस्तान की नीयत में खोट और गलत इरादे
राजनाथ सिंह ने सरक्रीक क्षेत्र में सीमा विवाद को हवा देने के लिए पाकिस्तान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आजादी के 78 साल बाद भी पाकिस्तान इस क्षेत्र में सीमा विवाद को हवा दे रहा है, जबकि भारत ने इसे बातचीत से सुलझाने के कई प्रयास किए हैं।
उन्होंने पाकिस्तान पर ‘नीयत में खोट’ होने का आरोप लगाया और कहा कि हाल ही में सर क्रीक से सटे इलाकों में पाकिस्तानी सेना द्वारा अपने सैन्य ढांचे के विस्तार से उसके गलत इरादों का पता चलता है। उन्होंने 1965 के युद्ध का स्मरण कराते हुए चेतावनी दी, “आज 2025 में पाकिस्तान को याद रखना चाहिए कि कराची जाने का एक रास्ता सर क्रीक से होकर गुजरता है।”
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और आतंकवाद पर हमला जारी
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय सेना और बीएसएफ संयुक्त रूप से सीमाओं की सतर्कतापूर्वक रक्षा कर रहे हैं। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने भारत की रक्षा प्रणाली में सेंध लगाने का असफल प्रयास किया था।
भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी वायु रक्षा तंत्र को पूरी तरह से बेनकाब कर दिया और दुनिया को यह संदेश दिया कि वह जब चाहे और जहां चाहे पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचा सकती है।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद को बढ़ावा देना और युद्ध छेड़ना ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य नहीं था। राजनाथ सिंह ने कहा, “मुझे खुशी है कि भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के सभी सैन्य उद्देश्यों को सफलतापूर्वक हासिल कर लिया है, लेकिन आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी है।”
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