
यूनिक समय, नई दिल्ली। महाराष्ट्र की राजनीति में बुधवार को एक ऐसा ऐतिहासिक मोड़ आया जिसकी कल्पना कुछ समय पहले तक असंभव मानी जा रही थी। लंबे समय के राजनीतिक अलगाव और मतभेदों को किनारे रखते हुए ‘ठाकरे बंधु’— उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे— एक मंच पर साथ आए। पंचायत चुनावों के झटकों के बाद शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने आगामी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनावों के लिए गठबंधन का औपचारिक ऐलान कर दिया है। इस फैसले ने राज्य के सियासी समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है और विरोधियों, विशेषकर भाजपा-शिंदे गुट के खेमे में हलचल तेज कर दी है।
“हम साथ रहने के लिए साथ आए हैं”
मुंबई में आयोजित एक भव्य संयुक्त प्रेस वार्ता में दोनों भाइयों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर एकजुटता का संदेश दिया। उद्धव ठाकरे ने गठबंधन की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा, “हम केवल चुनाव के लिए नहीं, बल्कि हमेशा साथ रहने के लिए एक साथ आए हैं।” उन्होंने भाजपा को सीधी चुनौती देते हुए यह भी कहा कि जो लोग भाजपा के भीतर चल रही मौजूदा राजनीति से त्रस्त हैं और उसे सहन नहीं कर पा रहे, उनके लिए इस नए गठबंधन के दरवाजे खुले हैं।
ठाकरे परिवार का ‘नेतृत्व’ पर दावा
उद्धव ठाकरे ने सभा में मौजूद जनसैलाब के बीच स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र की राजनीति की कमान हमेशा ठाकरे परिवार के पास रही है। उन्होंने आक्रामक स्वर में कहा, “महाराष्ट्र का नेतृत्व ठाकरे परिवार का है और महाराष्ट्र को सिर्फ ठाकरे ही नेतृत्व दे सकते हैं।” उनके इस बयान पर कार्यकर्ताओं ने ‘जय महाराष्ट्र’ के नारों से आसमान गुंजा दिया।
वहीं, राज ठाकरे ने इस गठबंधन को राज्य के स्वाभिमान से जोड़ते हुए कहा, “महाराष्ट्र का गौरव किसी भी व्यक्तिगत झगड़े या मतभेद से कहीं बड़ा है। आज हम इस गठबंधन की घोषणा करते हैं और यह संकल्प लेते हैं कि मुंबई का अगला मेयर ‘मराठी’ होगा और वह हमारे ही गठबंधन से होगा।”
जय राउत ने बताया ‘ऐतिहासिक दिन’
शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने इस मिलन को महाराष्ट्र की राजनीति का सबसे बड़ा दिन करार दिया। उन्होंने सभा में उमड़ी भारी भीड़ की ओर इशारा करते हुए कहा, “आज का दिन महज मंच साझा करने का नहीं है, बल्कि यह जनता के उस भरोसे का प्रतीक है जो ठाकरे परिवार में अटूट है। यहाँ का उत्साह बता रहा है कि मुंबई और महाराष्ट्र की जनता इस एकजुटता का बेसब्री से इंतजार कर रही थी।”
क्या होगा चुनावी असर?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुंबई में ‘मराठी कार्ड’ और ‘ठाकरे विरासत’ का एक साथ आना विपक्षी वोटों के बिखराव को रोकेगा। यह ऐतिहासिक गठबंधन न केवल BMC की सत्ता में वापसी की कोशिश है, बल्कि भाजपा को महाराष्ट्र के गढ़ में सीधी टक्कर देने की एक बड़ी रणनीति भी है।
नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
ये भी पढ़ें: Cricket News: विजय हजारे ट्रॉफी में वैभव सूर्यवंशी ने मचाया कोहराम; महज 84 गेंद में ठोक दिए 190 रन
Leave a Reply