
यूनिक समय, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश बजट सत्र के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधान परिषद में लोक-कल्याणकारी घोषणाओं की झड़ी लगा दी है। विपक्षी दलों के तीखे हमलों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य के जमीनी कार्यकर्ताओं और अन्नदाताओं के लिए बड़े वादों के साथ अपनी सरकार की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया।
मानदेय में वृद्धि और कैशलेस इलाज की सौगात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सामाजिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह महत्वपूर्ण घोषणा की है कि राज्य सरकार जल्द ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा वर्करों के मानदेय में सम्मानजनक बढ़ोतरी करने जा रही है। शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के भविष्य पर चर्चा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार उनके हितों के लिए निरंतर कार्य कर रही है और अब इन सभी वर्गों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का सीधा लाभ प्रदान किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने विधानसभा में निराश्रित और वृद्धावस्था पेंशन की राशि बढ़ाने का अपना संकल्प भी दोहराया है, जिससे प्रदेश के कमजोर वर्गों को आर्थिक संबल मिल सकेगा।
यूपी की अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक उछाल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले आठ वर्षों के आर्थिक आंकड़ों को साझा करते हुए गर्व के साथ बताया कि उत्तर प्रदेश अब एक ‘रेवेन्यू सरप्लस’ राज्य बन चुका है, जो अपनी वित्तीय मजबूती को दर्शाता है। आर्थिक प्रगति का प्रमाण देते हुए उन्होंने कहा कि साल 2017 तक उत्तर प्रदेश की जीडीपी महज 13 लाख करोड़ रुपये थी, जो वर्तमान सरकार के निरंतर प्रयासों के चलते मात्र आठ वर्षों के भीतर बढ़कर 23 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े तक पहुँच गई है। इसके साथ ही बैंकिंग साख और विकास के बीच बेहतर तालमेल बिठाते हुए राज्य के सीडी रेश्यो (CD Ratio) को भी 45% से बढ़ाकर 62% के स्तर तक पहुँचाया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि प्रदेश में निवेश और विकास की गति अब और भी तीव्र हो गई है।
खेती-किसानी: ‘उत्पादक’ के रूप में उभरा अन्नदाता
सीएम योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले की व्यवस्थाओं ने किसानों को केवल उपभोक्ता बना दिया था, लेकिन वर्तमान सरकार की नीतियों से अब वे सशक्त ‘उद्यमी’ के रूप में उभर रहे हैं। प्रदेश की कृषि विकास दर में क्रांतिकारी सुधार हुआ है, जो 8% से बढ़कर अब 18% तक जा पहुँची है, जिसके परिणामस्वरूप भारत के कुल कृषि भूभाग का मात्र 11% हिस्सा होने के बावजूद उत्तर प्रदेश आज देश का 21% खाद्यान्न उत्पादित कर रहा है। किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूती देने के लिए पिछले 8 वर्षों में 3,06,000 करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड गन्ना मूल्य भुगतान किया गया है, जो पिछली सरकारों द्वारा किए गए कुल भुगतान से 60,000 करोड़ रुपये अधिक है। तकनीक के क्षेत्र में भी प्रदेश लंबी छलांग लगा रहा है, जहाँ गाँव की महिलाएं अब ‘ड्रोन दीदी’ बनकर आधुनिक कृषि का नेतृत्व कर रही हैं और खेती में नई तकनीक का समावेश सुनिश्चित कर रही हैं।
विपक्ष पर तीखा हमला
सपा पर निशाना साधते हुए सीएम योगी ने कहा कि विपक्षी दल संवैधानिक संस्थाओं का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जिस तरह विधान परिषद आज ‘कांग्रेस विहीन’ हो गई है, यदि समाजवादी पार्टी ने अपना रवैया नहीं बदला, तो आने वाले समय में विधानसभा और परिषद में उनकी स्थिति भी वैसी ही होगी। उन्होंने जेपीएनआईसी और गोमती रिवर फ्रंट जैसे प्रोजेक्ट्स के नाम पर भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया।
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