
यूनिक समय, नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन पर गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी से पहले सुबह भिलाई स्थित उनके आवास पर ईडी की टीम ने छापा मारा। इस दौरान ईडी के अधिकारी तीन गाड़ियों में पहुंचे और उनके साथ CRPF जवान भी मौजूद थे।
ईडी की यह कार्रवाई राज्य में हुए बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच के सिलसिले में हुई है। जांच में सामने आया है कि छत्तीसगढ़ में एक संगठित शराब सिंडिकेट सक्रिय था, जो 2019 से 2022 के बीच अवैध रूप से शराब कारोबार कर रहा था। इस घोटाले से लगभग 2161 करोड़ रुपये की अवैध कमाई (Proceeds of Crime) का अनुमान लगाया गया है।
सूत्रों के अनुसार, इस सिंडिकेट में कई प्रभावशाली नाम शामिल हैं, जिनमें अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा और तत्कालीन आबकारी मंत्री कवासी लखमा का नाम भी सामने आया है। बताया गया है कि लखमा को हर महीने नकद राशि दी जाती थी, जो इस घोटाले की कमाई का हिस्सा थी।
शराब घोटाले के तहत CSMCL (छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन) के ज़रिए शराब की खरीद में डिस्टिलर्स से कमीशन के तौर पर रिश्वत ली जाती थी। इसके अलावा सरकारी दुकानों के माध्यम से बिना रिकॉर्ड के देशी शराब बेची जा रही थी, जिससे राज्य सरकार को कोई राजस्व नहीं मिला। विदेशी शराब के लाइसेंस (FL-10A) के नाम पर भी मोटी रकम वसूली जाती थी।
इस मामले में अब तक ईडी करीब 205 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त कर चुकी है। मार्च 2025 में भी चैतन्य बघेल और उनके सहयोगियों के कई ठिकानों पर ईडी ने छापेमारी की थी, जिसमें नकदी बरामद की गई थी और नोट गिनने की मशीनें भी इस्तेमाल हुई थीं।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया, “ईडी आ गई है। आज विधानसभा सत्र का अंतिम दिन है। आज तमनार में अडानी के लिए पेड़ों की कटाई का मुद्दा उठाया जाना था।”
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यह गिरफ्तारी छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल मचा रही है और आने वाले दिनों में मामले में और खुलासे की संभावना जताई जा रही है।
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