
यूनिक समय, नई दिल्ली। चीन ने आधुनिक युद्ध प्रणाली को एक नया आयाम देते हुए मच्छर के आकार का एक अनोखा माइक्रो ड्रोन विकसित किया है। यह ड्रोन केवल 1.3 सेंटीमीटर लंबा है और इसकी बनावट बिल्कुल मच्छर जैसी है—इसमें छोटे-छोटे पंख और बेहद पतले पैर दिए गए हैं। इसे चीन की नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ डिफेंस टेक्नोलॉजी (NUDT) के रोबोटिक्स लैब में तैयार किया गया है।
यह मिनिएचर बायोनिक रोबोट खासतौर पर सेना के निगरानी और टोही अभियानों के लिए बनाया गया है। इसकी खासियत है कि यह बिना आसानी से देखे गए दुश्मन क्षेत्रों में घुस सकता है और महत्वपूर्ण सूचनाएं जुटा सकता है। इसे स्मार्टफोन से नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे संचालन भी बेहद सरल हो जाता है।
इस मच्छर के आकार के ड्रोन में विभिन्न सेंसर लगाए गए हैं, जो न केवल एयर और वाटर क्वालिटी जैसी पर्यावरणीय स्थितियों का आकलन कर सकते हैं, बल्कि मलबे के नीचे फंसे लोगों की भी पहचान कर सकते हैं। इस कारण यह न केवल युद्ध के समय बल्कि आपदा राहत अभियानों में भी उपयोगी साबित हो सकता है।
हालांकि, इसकी कुछ सीमाएं भी हैं—जैसे पेलोड कैपेसिटी बेहद सीमित है और बैटरी की क्षमता कम होने के कारण यह अधिक समय तक उड़ान नहीं भर सकता। वैज्ञानिकों का मानना है कि भविष्य में AI और बेहतर सेंसर तकनीक जोड़कर इसकी कार्यक्षमता को और बढ़ाया जा सकता है।
यह तकनीकी उपलब्धि चीन की मॉडर्न वॉरफेयर रणनीति में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जो भविष्य के युद्धों का स्वरूप बदल सकती है।
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