
यूनिक समय, नई दिल्ली। ‘कोल्ड्रिफ कफ सिरप’ पीने से मध्य प्रदेश और राजस्थान में 20 से अधिक बच्चों की मौत के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर श्रीसन फार्मा के चेन्नई स्थित ठिकानों और तमिलनाडु ड्रग कंट्रोल विभाग के शीर्ष अधिकारियों के आवासों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई ईडी द्वारा मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में श्रीसन फार्मास्युटिकल्स के खिलाफ दर्ज पुलिस शिकायतों का संज्ञान लेने के बाद धन शोधन विरोधी कानून के तहत आपराधिक मामला दर्ज करने के बाद की गई।
हाल के दिनों में मध्य प्रदेश और राजस्थान में कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से 20 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है। बच्चों की मौत किडनी खराब होने से हुई, जिसका कारण सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (Diethylene Glycol) नामक घातक रसायन की अत्यधिक मात्रा का पाया जाना था। यह रसायन अक्सर एंटीफ्रीज में इस्तेमाल होता है और कई राज्यों में प्रतिबंधित है। कोल्ड्रिफ कफ सिरप का उत्पादन करने वाली श्रीसन फार्मा स्युटिकल्स के 73 वर्षीय मालिक जी रंगनाथन को 9 अक्टूबर को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की जांच में खुलासा हुआ कि कंपनी का बुनियादी ढांचा खराब था और उसने बार-बार सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया। इसके बावजूद, कांचीपुरम स्थित कंपनी एक दशक से अधिक समय तक बिना किसी रोक-टोक के परिचालन करती रही।
बच्चों की मौत के बाद कई राज्यों के औषधि नियंत्रकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।तमिलनाडु सरकार ने श्रीसन फार्मास्युटिकल्स को बंद करने का आदेश दिया और राज्य के दो वरिष्ठ औषधि निरीक्षकों को निलंबित कर दिया है।
मध्य प्रदेश सरकार ने दो औषधि निरीक्षकों और एफडीए के एक उप निदेशक को निलंबित किया और राज्य के औषधि नियंत्रक का तबादला किया। पुलिस ने लापरवाही के आरोप में छिंदवाड़ा जिले के एक डॉक्टर को भी गिरफ्तार किया है।
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