
यूनिक समय, नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और रायबरेली सांसद राहुल गांधी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। करीब आठ साल पुराने एक मानहानि मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने राहुल गांधी को कड़ा रुख दिखाते हुए 20 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर होने का ‘अंतिम अवसर’ दिया है। अदालत ने स्पष्ट आदेश दिया है कि अगली तारीख पर राहुल गांधी को खुद उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराना होगा।
क्या है पूरा मामला?
यह कानूनी विवाद साल 2018 का है, जब कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष और वर्तमान गृह मंत्री अमित शाह को लेकर कथित तौर पर ‘आपत्तिजनक टिप्पणी’ की थी। राहुल गांधी के इस बयान से आहत होकर भाजपा नेता विजय मिश्रा ने सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का परिवाद दाखिल किया था।
सोमवार की सुनवाई में क्या हुआ?
सोमवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान राहुल गांधी को अदालत में पेश होना था, लेकिन वह उपस्थित नहीं हो सके। इससे पहले की सुनवाई में गवाह रामचंद्र दूबे अपना बयान दर्ज करा चुके हैं और अधिवक्ताओं द्वारा उनसे जिरह भी पूरी की जा चुकी है। राहुल गांधी के वकील ने अदालत को भरोसा दिलाया है कि सांसद आगामी 20 फरवरी को निश्चित रूप से कोर्ट में मौजूद रहेंगे।
जमानत पर हैं राहुल गांधी
गौरतलब है कि राहुल गांधी इस मामले में पहले भी कोर्ट के समक्ष पेश हो चुके हैं और फिलहाल वह जमानत पर हैं। हालांकि, मामला अब अंतिम दौर में पहुंच रहा है, जिसके चलते कोर्ट ने बयान दर्ज कराने के लिए उनकी व्यक्तिगत मौजूदगी को अनिवार्य कर दिया है। 20 फरवरी की पेशी राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बनी रहेगी, क्योंकि यह राहुल गांधी के लिए कानूनी रूप से काफी महत्वपूर्ण दिन होने वाला है।
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