
यूनिक समय, नई दिल्ली। दिल्ली और एनसीआर में संगठित अपराध को खत्म करने के लिए, दिल्ली पुलिस ने बीती रात एक बड़ा अभियान चलाया। इस ऑपरेशन में, बाहरी उत्तरी जिले के 820 पुलिसकर्मियों की 40 टीमों ने एक साथ 58 ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान कुख्यात टिल्लू ताजपुरिया, नीरज-राजेश बवाना, जितेंद्र गोगी, और काला जठेरी गिरोह के सदस्यों और उनके सहयोगियों को निशाना बनाया गया।
ऑपरेशन का विवरण
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में कुल 58 जगहों पर यह कार्रवाई की गई। इस ऑपरेशन में उत्तरी रेंज के दो ज़िलों की पुलिस ने मिलकर काम किया। लगभग 820 पुलिस अधिकारियों की एक टीम ने पूरी रात यह ऑपरेशन चलाया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में नकदी और अवैध हथियार बरामद किए, और कई एफआईआर भी दर्ज कीं। यह अभियान हाल ही में कपिल सांगवान और विक्की टक्कर गिरोहों पर हुई कार्रवाई की अगली कड़ी है, जिससे पुलिस ने छह बड़े गिरोहों के नेटवर्क को कमजोर करने का काम किया है।
टिल्लू ताजपुरिया, नीरज-राजेश बवाना, जितेंद्र गोगी और काला जठेरी गिरोह लंबे समय से दिल्ली और एनसीआर में सक्रिय हैं। ये गिरोह हत्या, जबरन वसूली, फिरौती और हथियारों की तस्करी जैसी गतिविधियों में शामिल हैं। दिल्ली पुलिस का मानना है कि इन गिरोहों के बीच आपसी कलह अक्सर राजधानी में अपराध बढ़ाने में योगदान देती है। इसलिए, पुलिस ने अब इनके खिलाफ सामूहिक कार्रवाई करने का फैसला किया है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त रवींद्र सिंह यादव ने पुष्टि की कि यह अभियान गैंगस्टरों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए चलाया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस अपराधियों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शेगीऔर राजधानी को अपराध मुक्त बनाने के लिए ऐसे ऑपरेशन भविष्य में भी जारी रहेंगे। पुलिस की इस रणनीति का उद्देश्य इन संगठित गिरोहों को जड़ से खत्म करना है ताकि दिल्ली-एनसीआर में कानून-व्यवस्था मजबूत बनी रहे।
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