Delhi News: दिल्ली में आज से ‘नो BS-6, नो एंट्री’ लागू, 1 अप्रैल 2020 से पुरानी गाड़ियाँ अब राजधानी के लिए ‘कबाड़’

दिल्ली में आज से 'नो BS-6, नो एंट्री' लागू

यूनिक समय, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली की दमघोंटू हवा को सुधारने के लिए रेखा गुप्ता सरकार ने अब तक का सबसे कठोर रुख अपना लिया है। आज गुरुवार से दिल्ली की सीमाओं पर ‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ के तहत सख्त पहरा बैठा दिया गया है। नए नियमों के मुताबिक, दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड ऐसी कोई भी गाड़ी जो BS-6 (BS-VI) मानक की नहीं है, उसे दिल्ली की सीमा में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

 सीमाओं पर सख्त पहरा

दिल्ली पुलिस और परिवहन विभाग की टीमें सीमाओं पर मुस्तैद हैं। नियम कितने सख्त हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि झांसी से विधायक रवि शर्मा का स्टीकर लगी एक गाड़ी को भी पुलिस ने दिल्ली में प्रवेश नहीं करने दिया। विधायक को लेने जा रहे ड्राइवर की दलीलों को दरकिनार करते हुए पुलिस ने GRAP-4 नियमों का हवाला देकर गाड़ी का चालान काटा और उसे वापस झांसी मोड़ दिया। संदेश साफ है—नियम सबके लिए बराबर हैं।

पेट्रोल पंपों पर हाई-टेक निगरानी

हवा को साफ रखने के लिए सरकार ने ‘फ्यूल सप्लाई’ पर भी प्रहार किया है। अब दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर बिना वैध पीयूसी (PUC) प्रमाणपत्र के ईंधन नहीं मिलेगा।पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक कैमरे लगे हैं जो गाड़ी का नंबर पढ़ते ही पीयूसी स्टेटस चेक कर लेते हैं। बिना पीयूसी वाली गाड़ी आते ही पंप पर अलर्ट बज जाता है। 126 चेक पॉइंट्स पर 580 पुलिसकर्मी तैनात हैं ताकि एक भी पुरानी या बिना पीयूसी वाली गाड़ी सिस्टम को चकमा न दे सके।

1 अप्रैल 2020 की डेडलाइन

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि 1 अप्रैल 2020 (BS-6 लागू होने की तिथि) से पहले खरीदी गई बाहरी राज्यों की गाड़ियाँ अब दिल्ली के लिए ‘भंगार’ के समान हैं। चाहे आपकी गाड़ी की EMI चल रही हो या वह बिल्कुल नई जैसी दिखती हो, अगर वह BS-6 नहीं है, तो उसे दिल्ली बॉर्डर से ही वापस मोड़ दिया जाएगा।

किन्हें मिली है छूट?

रेखा गुप्ता सरकार द्वारा दिल्ली में चलाए जा रहे प्रदूषण विरोधी इस महा-अभियान के तहत नियमों को बेहद सख्त रखा गया है, हालांकि आम जनजीवन और आपातकालीन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कुछ आवश्यक सेवाओं को विशेष राहत प्रदान की गई है। इस नए आदेश के अनुसार, सीएनजी (CNG) और इलेक्ट्रिक वाहनों को उनके प्रदूषण मुक्त होने के कारण दिल्ली में प्रवेश की पूरी अनुमति दी गई है, ताकि पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा मिल सके।

इसके साथ ही एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और फल-सब्जी जैसी दैनिक एवं आवश्यक वस्तुएं लाने वाले वाहनों को भी इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है ताकि शहर की स्वास्थ्य सेवाएं और खाद्य आपूर्ति प्रभावित न हों। सार्वजनिक परिवहन के सुचारू संचालन के लिए बसों और अन्य सरकारी परिवहन सेवाओं को भी छूट दी गई है, लेकिन निर्माण सामग्री ले जाने वाले ट्रकों पर ग्रैप-4 (GRAP-4) के कड़े प्रावधानों के तहत पूर्ण प्रतिबंध जारी है, जिससे निर्माण क्षेत्र से होने वाले धूल और धुएं पर लगाम लगाई जा सके।

नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

ये भी पढ़ें: Stock Market: लाल निशान पर शेयर बाजार; एशियाई मंदी और एक्सपायरी के दबाव ने सेंसेक्स-निफ्टी को तोड़ा

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*