
यूनिक समय, नई दिल्ली। परेश रावल अभिनीत आगामी फिल्म ‘द ताज स्टोरी’ का बहुप्रतीक्षित ट्रेलर अब रिलीज़ हो चुका है, जिससे फिल्म को लेकर पहले पोस्टर के कारण मचा विवाद शांत हो गया है और लोग इसकी जमकर तारीफ कर रहे हैं। निर्देशक तुषार अमरीश गोयल की यह फिल्म 31 अक्टूबर 2025 को रिलीज़ होने जा रही है। फिल्म में परेश रावल के साथ जाकिर हुसैन, अमृता खानविलकर, स्नेहा वाघ और नमित दास जैसे कलाकार हैं। यह फिल्म ताजमहल के निर्माण से जुड़े विवादित सवालों और ऐतिहासिक तथ्यों के बीच एक नई कहानी प्रस्तुत करती है।
लगभग 2 मिनट 58 सेकंड के इस ट्रेलर में परेश रावल एक गाइड विष्णुदास की भूमिका निभा रहे हैं, जो ताजमहल पर ही केस कर देता है। ट्रेलर में एक डायलॉग काफी पसंद किया जा रहा है, जिसमें परेश रावल कहते हैं, “हां, उनका काम तो तुड़वाने का था।”
फिल्म ‘द ताज स्टोरी’ के ट्रेलर में परेश रावल सवाल उठाते हैं, “दुनिया में कभी ऐसा मकबरा देखा है? जिसके ऊपर गुंबद हो और गुंबद पर कलश हो?” वह ताजमहल का डीएनए टेस्ट कराने की मांग करते हैं, जिसके जवाब में लोग उन्हें अपना डीएनए टेस्ट कराने को कहते हैं। थाने पहुँचकर परेश रावल केस दर्ज कराने की बात करते हैं, जिस पर उनसे पूछा जाता है, “किसपे, शाहजहां पर?” जब यह मामला अदालत पहुँचता है, तो गाइड की भूमिका निभा रहे परेश कहते हैं, “जज साहब, ताजमहल मेरे लिए किसी भी मंदिर से कम नहीं है।”
वह अदालत में दलील देते हैं कि “कहीं शाहजहां कन्फ्यूज तो नहीं कि मैं मंदिर बनाऊं या मकबरा बनाऊं,” और सवाल करते हैं, “ताजमहल के नीचे जो 22 कमरे हैं, उसमें कभी गए हैं? अहम बात तो ये है कि क्या था उन कमरों में जो दीवारों में रातों रात चुनवा दिए।” परेश रावल ताजमहल को जेनोसाइड का सिंबल भी बताते हैं। अपनी आवाज उठाने के कारण उन्हें और उनके परिवार को काफी नुकसान सहना पड़ता है और उनके चेहरे पर कालिख भी पोती जाती है।
ट्रेलर के अंत में परेश रावल कहते हैं, “सदियों से चली आ रही भारत की सभ्यता को बार-बार दुनिया भर के लोगों ने खत्म करने की कोशिश की लेकिन वो कभी सफल नहीं रहे, क्यों? क्योंकि भारत की रग-रग में सनातन है।”
नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
ये भी पढ़ें: World News: फ्रांस के बाद अमेरिका में ‘नो किंग्स’ आंदोलन; 18 अक्टूबर को लाखों लोग ट्रंप के खिलाफ करेंगे प्रदर्शन
Leave a Reply