बांग्लादेश के पूर्व जनरल का भड़काऊ बयान; ‘भारत के कई टुकड़ों में बटने पर ही देश में आएगी शांति’

बांग्लादेश के पूर्व जनरल का भड़काऊ बयान

यूनिक समय, नई दिल्ली। बांग्लादेश की सेना के एक पूर्व जनरल अब्‍दुलाहिल अमान आजमी ने भारत के खिलाफ एक बेहद भड़काऊ और आपत्तिजनक बयान दिया है। आजमी ने दावा किया है कि बांग्लादेश में तब तक पूरी तरह से शांति नहीं आएगी, जब तक कि भारत कई टुकड़ों में बंट नहीं जाता है। आजमी, जो बांग्लादेश की कट्टरपंथी इस्लामिक पार्टी जमात-ए-इस्‍लामी के पूर्व प्रमुख गुलाम आजम के बेटे हैं, उन्होंने यह बयान ढाका प्रेस क्लब में एक ऑनलाइन चर्चा के दौरान दिया। उनके इस बयान पर भारत में सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया हुई है।

भारत पर अशांति फैलाने का आरोप

अब्‍दुलाहिल अमान आजमी ने भारत पर यह दावा करते हुए निशाना साधा कि नई दिल्ली हमेशा से बांग्लादेश में अशांति को जिंदा रखना चाहता है। आजमी ने विशेष रूप से चटगांव हिल्स इलाके में भारत की भूमिका पर आरोप लगाए। आजमी ने आरोप लगाया कि भारत ने 1975 से 1996 के बीच चटगांव हिल्स इलाके में अशांति को भड़काया।

बांग्लादेश के पूर्व जनरल ने दावा किया कि शेख मुजीबुर रहमान सरकार के दौरान गठित ‘परबात्‍या चातोग्राम जन समहाती समिति’ की हथियारबंद शाखा ‘शांति वाहिनी’ को भारत ने शरण दी, हथियार और ट्रेनिंग दी। इसके कारण इन पहाड़ी इलाकों में खून-खराबा हुआ। आजमी ने 1997 के चटगांव हिल शांति समझौते की भी आलोचना की और कहा कि शांति वाहिनी का हथियार सरेंडर करना केवल एक दिखावा था।

पिता पर लगे थे युद्ध अपराध के आरोप

आपको बता दे, आजमी के पिता, गुलाम आजम, को 1971 के मुक्ति युद्ध के दौरान हिंदुओं और स्वतंत्रता समर्थक बंगालियों के नरसंहार के लिए युद्ध अपराधी दोषी पाया गया था। आजमी का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्ते रसातल में चल रहे हैं। वर्तमान मोहम्‍मद युनूस सरकार लगातार भारत विरोधी कदम उठा रही है और पाकिस्तान के साथ रिश्ते मजबूत कर रही है। बांग्लादेश में जमात-ए-इस्‍लामी लगातार ताकतवर हो रही है, जिसे तुर्की और पाकिस्तान का खुला समर्थन मिल रहा है। युनूस सरकार भारत से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को प्रत्यर्पित करने की मांग कर रही है, जिसे भारत ने खारिज कर दिया है। इसके अलावा, बांग्लादेश भारत से लगते इलाके में ड्रोन से निगरानी और सैन्य अड्डे को आधुनिक बनाने जैसे कदम उठा रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा है।

नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

ये भी पढ़ें: Tech: स्मार्टफोन में संचार साथी ऐप की प्री-इंस्टॉलेशन की अनिवार्यता खत्म, विपक्ष के विरोध के बाद सरकार का बड़ा फैसला

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*