Gold Silver Price Today: लगातार तीसरे दिन भी भारी गिरावट, सोना ₹4000 और चांदी ₹16,000 तक टूटी

Gold fell by ₹4000 and silver by ₹16,000

यूनिक समय, नई दिल्ली। सर्राफा बाजार में पिछले तीन दिनों से जारी गिरावट ने आज विकराल रूप धारण कर लिया है। वैश्विक बाजार में कमजोर संकेतों और प्रॉफिट बुकिंग (मुनाफावसूली) के चलते सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त सेंध लगी है। सोमवार को भारतीय वायदा बाजार (MCX) से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक, हर जगह निवेशकों के बीच बिकवाली की होड़ मची रही।

घरेलू बाजार

सोमवार को भारतीय वायदा बाजार (MCX) पर कीमती धातुओं के भाव में भारी गिरावट देखने को मिली है जिससे घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतें धड़ाम हो गई हैं। इस गिरावट के दौरान 2 अप्रैल की डिलीवरी वाला सोना 3.00 प्रतिशत यानी लगभग ₹4000 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,38,256 के स्तर पर आ गया है। वहीं दूसरी ओर चांदी की कीमतों ने निवेशकों को और भी बड़ा झटका दिया है जहाँ 5 मार्च की डिलीवरी वाली चांदी 6 प्रतिशत यानी लगभग ₹16,000 की ऐतिहासिक गिरावट के साथ ₹2,49,713 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही थी।

अंतरराष्ट्रीय बाजार

सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का यह दौर केवल घरेलू स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी वैश्विक मंदी की मार साफ देखी जा रही है। सोमवार सुबह करीब 10 बजे वैश्विक बाजार में गोल्ड स्पॉट की कीमतों में 4.20% की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे इसका भाव 4689.43 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। ठीक इसी तरह, सिल्वर स्पॉट की कीमतों में भी 6.51% की जबरदस्त सेंध लगी है और यह लुढ़ककर 79.76 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर दर्ज की गई है।

गिरावट की सबसे बड़ी वजह

एक्सपर्ट्स के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतों में आई इस तेज गिरावट का मुख्य कारण शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज (CME) द्वारा लिया गया एक बड़ा फैसला है। CME ने जोखिम के स्तर को देखते हुए गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स के लिए मार्जिन की जरूरतों (Margin Requirements) को काफी बढ़ा दिया है, जिसके तहत सोने के लिए मार्जिन को 6% से बढ़ाकर 8% से 8.8% तक कर दिया गया है। इसी तरह चांदी के लिए भी नॉन-हाइटेंड रिस्क कैटेगरी में मार्जिन को 11% से बढ़ाकर सीधा 15% कर दिया गया है।

इस बदलाव का सीधा मतलब यह है कि अब ट्रेडर्स को डेरिवेटिव सेगमेंट में अपनी पोजीशन बनाए रखने या नई पोजीशन शुरू करने के लिए पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा पैसा जमा करना होगा। मार्जिन बढ़ने के इस फैसले से बाजार में सट्टेबाजी वाली ट्रेडिंग पर लगाम लगेगी और लिक्विडिटी यानी नकदी के प्रवाह में भी कमी आएगी। इसी वित्तीय दबाव और जोखिम के डर से कारोबारी बड़े पैमाने पर अपनी पोजीशन काटकर मुनाफा वसूल रहे हैं, जिसका सीधा असर कीमतों में भारी गिरावट के रूप में दिखाई दे रहा है।

नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़े: UP News: योगी सरकार का कड़ा एक्शन; संपत्ति का ब्योरा न देने वाले 68 हजार से अधिक कर्मचारियों का वेतन रुका

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*