
यूनिक समय, नई दिल्ली। गोरखपुर में चल रहे विरासत गलियारा प्रोजेक्ट को लेकर उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा नेता माता प्रसाद पांडेय के बीच तीखी बहस देखने को मिली। सीएम योगी ने सपा नेता पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कंधे पर बंदूक रखकर कोई और निशाना साध रहा है।
विरासत गलियारा और मुआवजे का मुद्दा
दरअसल, सपा नेता माता प्रसाद पांडेय ने आरोप लगाया था कि गोरखपुर में व्यापारियों की दुकानें तोड़ी जा रही हैं और उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर वह व्यापारियों से मिलने गए थे, जहां उनकी गाड़ी को तोड़ा गया और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके ख़िलाफ़ नारेबाज़ी की।
इसके जवाब में सीएम योगी ने कहा कि वह तीन दिन पहले खुद विरासत गलियारे का दौरा कर चुके हैं और हर व्यापारी से बात की है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार सभी व्यापारियों को उचित मुआवजा देगी। सीएम ने बताया कि गोरखपुर की वह मंडी और बाज़ार सबसे पुराना है, जो अवैध कब्ज़े के कारण संकरा हो गया है।
सीएम योगी का सपा पर हमला
सीएम योगी ने माता प्रसाद पांडेय के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी और लोकतंत्र नदी के दो छोर हैं, और सपा नेताओं के मुंह से लोकतंत्र की बात शोभा नहीं देती। उन्होंने सपा शासनकाल में संभल में हुए “नग्न तांडव” और बहराइच व गोरखपुर के विकास को रोकने का आरोप लगाया। योगी ने कहा कि सपा ने अपने कार्यकाल में विकास नहीं किया, जबकि अब एनडीए सरकार के विकास कार्यों पर सवाल उठा रही है।
सीएम ने कहा कि सपा शासन में व्यापारियों से गुंडा टैक्स वसूला जाता था, जिसकी वजह से व्यापारी उनसे नाराज़ हैं। उन्होंने कहा कि सपा नेताओं ने व्यापारियों के रास्ते में रोड़े अटकाए हैं, यही कारण है कि उन्हें बार-बार इसका ख़ामियाज़ा भुगतना पड़ रहा है। सीएम के इस बयान से नाराज़ सपा विधायकों ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया और प्रश्न पूछने से मना कर दिया।
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