पीएम मोदी ने कभी इस सिंगर को दिए थे 250 रूपये, अब यूट्यूब स्टार बन गई है!

नई दिल्ली। गुजरात की लोकगायिका गीता रबारी ने सोमवार को दिल्ली आकर संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. मुलाकात के बाद उन्होंने पीएम मोदी को एक गुजराती गाना समर्पित किया. उनका दावा है कि उन्होंने संसद में पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान भी यह गाना सुनाया. इतना ही नहीं उन्होंने बताया कि एक दफा पीए मोदी ने उन्हें स्कूल में गाना गाते सुना था. तब नरेंद्र मोदी ने उन्हें 250 रुपये देते हुए अभ्यास जारी रखने को कहा था. लेकिन अब गीता रबारी एक बेहद

गीता रबारी ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया, ‘मैंने ये गाना खुद लिखा है. मैं लिखती भी हूं. मैंने ये गाना 2017 में लिखा था. मोदी जी के लिए ही ये गाना मैंने गाया है. यूट्यूब पर इस गाने को करोड़ों लोगों ने देखा है.’
इससे पहले गीता ने कहा, ‘मैं पहली दफा पीएम मोदी से जब मिली थी तब बच्ची थी. तब मैं अपने स्कूल में गाना गा रही थी. मेरा गाना सुनने के बाद उन्होंने मुझे 250 रुपये दिए थे. इसके बाद उन्होंने कहा था मैं गाने का अभ्यास जारी रखूं.

जंगलों में रहता है गीता रबारी का समुदाय
गीता रबारी ने यह भी बताया कि वे मल्धारी समुदाय की हैं. यह समुदाय जंगलों में रहता है. मेरे पिता को बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का एक पोस्ट कार्ड आया था, उसके बाद उन्होंने मुझे स्कूल भेजा था.

कौन हैं गीता रबारी
एक हिन्दी दैनिक को दिए गए साक्षात्कार में गीता रबारी ने कहा था, मैंने स्कूल से गाना शुरू किया. बाद में आस-पसोड़ के गावों ने बुलाना शुरू किया इसके बाद धीरे-धीरे मुझे पूरे प्रदेश से बुलावा आने लगा. अब मैं कई बड़े कलाकारों के साथ लाइव प्रोग्राम करती हूं.
गौरतलब है कि गीता रबारी के परिवार में अब वही कमासुत हैं. उनके दो भाई थे लेकिन उनकी अकाल मृत्यु हो चुकी है. गीता ने 10वीं तक पढ़ाई की इसके बाद गाने की ओर पूरे मन से लग गईं.
गीता का जन्म गुजरात के कच्छ में हु‌आ है. इसीलिए उन्हें ‘कच्छी कोयल’ के नाम से भी जानते हैं. उनका एक गाना रोमा शेरमा यूट्यूब पर पहले ही करोड़ों व्यू जुटा चुका है.

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