UNHRC में भारत ने पाकिस्तान को दिखाया आईना; कहा- ‘अपने ही लोगों पर बमबारी करने से फुर्सत मिले…तो’

UNHRC में भारत ने पाकिस्तान को दिखाया आईना

यूनिक समय, नई दिल्ली। भारत ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में पाकिस्तान को आईना दिखाया है। भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने खैबर पख्तूनख्वा में पाकिस्तानी सेना द्वारा अपने ही नागरिकों पर किए गए हवाई हमले का मुद्दा उठाया। उन्होंने पाकिस्तान को सलाह दी कि उसे अपनी ‘वेंटिलेटर पर पड़ी अर्थव्यवस्था’ को बचाने पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब वह ‘आतंकवाद का निर्यात करने और अपने लोगों पर बमबारी करने’ से फुर्सत पाएगा।

यह हमला 22 सितंबर को खैबर पख्तूनख्वा की तिराह घाटी में हुआ था, जहां पाकिस्तानी वायु सेना के JF-17 लड़ाकू विमानों ने आठ बम गिराए, जिससे महिलाओं और बच्चों सहित कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई।

भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के मंच पर इस मुद्दे को उठाया और पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। भारतीय प्रतिनिधि क्षितिज त्यागी ने बिना नाम लिए पाकिस्तान को घेरते हुए कहा, “एक प्रतिनिधिमंडल भारत के खिलाफ निराधार और भड़काऊ बयानों के साथ इस मंच का दुरुपयोग करता रहता है। हमारी ज़मीन पर कब्ज़ा करने के बजाय, उन्हें अपने अवैध कब्ज़े वाले भारतीय क्षेत्र को खाली कर देना चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा, “उन्हें जीवन रक्षक प्रणालियों पर निर्भर अर्थव्यवस्था, सैन्य प्रभुत्व से जकड़ी राजनीति और उत्पीड़न से दागदार मानवाधिकार रिकॉर्ड को बचाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। शायद वे ऐसा तब कर पाएँगे जब वे आतंकवाद के निर्यात, संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकवादियों को पनाह देने और अपने ही लोगों पर बमबारी से मुक्त हो जाएँगे।”

दूसरी ओर, पाकिस्तान के सहयोगी तुर्की ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र के मंच पर कश्मीर का मुद्दा उठाया। तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ने भारत और पाकिस्तान के बीच ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद हुए संघर्ष विराम पर खुशी जताई और उम्मीद जताई कि कश्मीर मुद्दे का हल संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के आधार पर होगा। एर्दोआन ने कहा, “हम पिछले अप्रैल में पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव बढ़ने के बाद हुए संघर्ष विराम से खुश हैं। हमें उम्मीद है कि कश्मीर मुद्दे का समाधान संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के आधार पर, कश्मीर में हमारे भाइयों और बहनों के सर्वोत्तम हित में, बातचीत के ज़रिए होगा।”

यह पहली बार नहीं है जब तुर्की ने संयुक्त राष्ट्र (UNHRC) में कश्मीर मुद्दा उठाया है। वह पहले भी कई बार ऐसा कर चुका है। इस बीच, भारत ने इन बयानों का बार-बार खंडन किया है। भारत का कहना है कि कश्मीर एक आंतरिक मामला है, जिस पर किसी और को बोलने का अधिकार नहीं है।

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