
यूनिक समय, नई दिल्ली। भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो (IndiGo) को बीते चार दिनों से अपने संचालन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार और बुधवार को सैकड़ों उड़ानें रद्द होने के बाद, गुरुवार (4 दिसंबर) को भी एयरलाइन को कई फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं और उड़ानों में लंबी देरी देखी गई। इसके चलते देश भर के एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की लंबी कतारें लगी रहीं।
DGCA के नए नियम बने मुख्य वजह
इंडिगो ने तकनीकी गड़बड़ी, खराब मौसम और एयरपोर्ट कंजेशन को वजह बताया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, इस संकट की सबसे बड़ी वजह DGCA (नागर विमानन महानिदेशालय) द्वारा पायलटों के लिए लागू किए गए नए रेस्ट और ड्यूटी नियम हैं। ये नियम 1 नवंबर 2025 से लागू हो चुके हैं।
नए नियमों का उद्देश्य उड़ान सुरक्षा को बढ़ाना और पायलटों में थकान (Fatigue) को कम करना है। इन सख्त नियमों के कारण, एयरलाइन को अपने पायलटों की उपलब्धता को समायोजित करने में भारी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, जिससे फ्लाइट्स के रद्द होने और देरी होने की संख्या बढ़ गई है।
DGCA के नए पायलट ड्यूटी नियम
DGCA के ये नए नियम सीधे तौर पर एयरलाइन के शेड्यूल को प्रभावित कर रहे हैं।पहले पायलट को हर हफ्ते 36 घंटे लगातार आराम मिलता था, जिसे अब बढ़ाकर 48 घंटे कर दिया गया है।
पहले नाइट ड्यूटी की सीमा आधी रात (12:00 AM) तक मानी जाती थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर मध्यरात्रि से सुबह 6 बजे तक कर दिया गया है। नाइट ड्यूटी के दौरान अधिकतम उड़ान समय 8 घंटे और अधिकतम ड्यूटी अवधि 10 घंटे निर्धारित की गई है।
एयरलाइन कंपनियों को हर तीन महीने में DGCA को एक रिपोर्ट देनी होगी, जिसमें उनको बताना होगा कि पायलटों ने थकान की शिकायत की या नहीं और उन्होंने थकान कम करने के लिए क्या कदम उठाए।
गुरुवार को रद्द हुई उड़ानें
गुरुवार (4 दिसंबर) को इंडिगो की कई उड़ानें रद्द हुई हैं, खासकर हैदराबाद से, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हैदराबाद से रद्द हुई 18 फ्लाइटों की सूची इस प्रकार है:
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