India-US trade deal: पीयूष गोयल ने राहुल गांधी के दावों को नकारा; बोले “भारत को भी वही सुविधा मिलेगी जो…”

Piyush Goyal denies Rahul Gandhi's claims

यूनिक समय, नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को संसद में भारत और अमेरिका के बीच हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते पर विपक्ष के आरोपों का पुरजोर खंडन किया है। राहुल गांधी द्वारा समझौते में बांग्लादेश को अधिक लाभ मिलने के दावों को ‘पूरी तरह गलत’ बताते हुए गोयल ने स्पष्ट किया कि यह डील भारतीय भविष्य को चार चांद लगाने वाली साबित होगी। उन्होंने बताया कि इस समझौते के तहत भारत को भी वही ‘जीरो रेसिप्रोकल टैरिफ’ (शून्य प्रत्यावर्ती शुल्क) की सुविधा मिलेगी जो वर्तमान में बांग्लादेश को प्राप्त है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा फरवरी 2026 में घोषित इस व्यापारिक ढांचे को मार्च के मध्य तक औपचारिक रूप से अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

भारतीय किसानों के हितों पर अभेद्य सुरक्षा चक्र

वाणिज्य मंत्री ने सदन को पूरी तरह आश्वस्त करते हुए कहा कि इस व्यापार समझौते को भारतीय कृषि क्षेत्र और किसानों की सुरक्षा को सर्वोपरि प्राथमिकता देकर तैयार किया गया है। पीयूष गोयल के अनुसार भारतीय किसानों के लगभग 90-95 प्रतिशत प्रमुख उत्पादों को इस समझौते के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा गया है ताकि स्थानीय बाजार पर किसी भी तरह का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

इस सुरक्षा चक्र के तहत डेयरी, पोल्ट्री, चावल, गेहूं, सोयाबीन, मक्का, दालें और मोटे अनाज जैसे संवेदनशील उत्पादों को सुरक्षित रखते हुए समझौते से दूर रखा गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल उन्हीं वस्तुओं को रणनीतिक छूट के तहत शामिल किया गया है जो भारत की आवश्यकताओं के अनुरूप हैं और उन्हें भी बहुत ही सोच-समझकर चरणबद्ध तरीके से खोला जाएगा ताकि भारतीय किसानों के हितों की हर हाल में शत-प्रतिशत रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

टेक्सटाइल सेक्टर के लिए क्रांतिकारी ‘जीरो ड्यूटी’ प्रावधान

इस नए ट्रेड डील का सबसे बड़ा और प्रत्यक्ष लाभ भारतीय टेक्सटाइल और गारमेंट निर्यात क्षेत्र को मिलने वाला है, जिसके तकनीकी पहलुओं को स्पष्ट करते हुए पीयूष गोयल ने एक बड़ी राहत की घोषणा की है। इस समझौते के तहत अमेरिका भारतीय कपड़ों पर लगने वाले जवाबी टैरिफ को 25% से घटाकर 18% कर देगा, जो भारतीय निर्यातकों के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय लाभ साबित होगा।

इसके साथ ही कपास आधारित निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष प्रावधान किया गया है जिसके अंतर्गत यदि भारतीय निर्यातक अमेरिका से खरीदी गई कपास का उपयोग करके कपड़े तैयार करते हैं और उन्हें वापस निर्यात करते हैं, तो उन्हें जीरो ड्यूटी यानी पूरी तरह शुल्क मुक्त सुविधा का लाभ मिलेगा। यह रणनीतिक कदम न केवल उत्पादन लागत को कम करेगा बल्कि वैश्विक टेक्सटाइल बाजार में भारत को चीन और अन्य प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले कहीं अधिक शक्तिशाली स्थिति में खड़ा कर देगा।

मार्च 2026 तक हस्ताक्षरित होगी ‘मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील्स’

फरवरी 2026 में घोषित यह फ्रेमवर्क एग्रीमेंट वर्तमान में अपने अंतिम चरण में है। सरकार के अनुसार मध्य मार्च 2026 तक इस पर औपचारिक हस्ताक्षर हो जाएंगे, जिसके बाद इसके विस्तृत प्रावधान सार्वजनिक किए जाएंगे। पीयूष गोयल ने दोहराया कि यह समझौता द्विपक्षीय व्यापार के नए युग की शुरुआत है, जो दोनों देशों के हितों के बीच एक संतुलित तालमेल बिठाता है।

नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़े: Lamborghini Accident Case: मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा को कोर्ट से मिली जमानत, पुलिस की रिमांड अर्जी खारिज

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*