
यूनिक समय, नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच हुए ऐतिहासिक व्यापारिक समझौते (Trade Deal) के बाद देश भर में उत्साह का माहौल है। इस बड़ी कूटनीतिक जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार मीडिया के सामने अपनी प्रतिक्रिया दी है। मंगलवार को जब पीएम मोदी एनडीए (NDA) संसदीय दल की बैठक में शामिल होने के लिए पार्लियामेंट एनेक्सी बिल्डिंग पहुंचे, तो वहां मौजूद पत्रकारों ने उन्हें इस समझौते के लिए ढेरों शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने इस वैश्विक उपलब्धि पर मुस्कुराते हुए सभी का हाथ जोड़कर धन्यवाद किया।
सोशल मीडिया पर मंत्र
समझौते के कुछ ही घंटों बाद प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक प्रेरक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि आत्मविश्वास वह शक्ति है जिसके बल पर सब कुछ संभव है। पीएम के अनुसार, देशवासियों का यही आत्मविश्वास ‘विकसित भारत’ के सपने को हकीकत में बदलने का सबसे बड़ा आधार बनेगा।
संस्कृत श्लोक के जरिए दिया ‘प्रगति’ का सूत्र
पीएम मोदी ने एक विशेष संस्कृत श्लोक साझा करते हुए राष्ट्र की आर्थिक प्रगति का दर्शन समझाया।
श्रीर्मङ्गलात् प्रभवति प्रागल्भ्यात् सम्प्रवर्धते। दाक्ष्यात् तु कुरुते मूलं संयमात् प्रतितिष्ठति॥
इसका अर्थ है: धन की प्राप्ति शुभ कर्मों से होती है, साहस और आत्मविश्वास से इसमें वृद्धि होती है, कौशल (Skills) और दक्षता से यह स्थिर रहता है, और अनुशासन से सुरक्षित रहने पर यही धन राष्ट्र की प्रगति में योगदान देता है। इस श्लोक के माध्यम से पीएम ने संकेत दिया कि अमेरिका के साथ यह डील भारत के ‘कौशल और साहस’ का परिणाम है।
भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रहे व्यापारिक तनाव में अब नरमी आती दिख रही है, क्योंकि दोनों देशों ने एक नए और संतुलित व्यापारिक ढांचे पर सहमति जताई है। इस समझौते की सबसे महत्वपूर्ण बारीकी यह है कि अमेरिका अब भारतीय वस्तुओं पर लगने वाले 25 प्रतिशत के पारस्परिक शुल्क (Reciprocal Tariff) को घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा, जिससे भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिलेगी।
इसके साथ ही पिछले कुछ समय से जारी रूसी तेल खरीद का विवाद भी सुलझता नजर आ रहा है, क्योंकि पहले इसी कारण से लगाए गए 25 प्रतिशत के अतिरिक्त दंड शुल्क सहित कुल 50 प्रतिशत टैरिफ को अब कम करने पर सहमति बन गई है। भविष्य की रणनीति को लेकर हालांकि अभी कुछ तकनीकी पहलुओं पर काम होना बाकी है, जिसमें मुख्य रूप से नई दरों के लागू होने की सटीक तारीख और भारत द्वारा अमेरिकी उत्पादों के लिए अपने बाजार को और अधिक खोलने की रूपरेखा शामिल है।
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