
यूनिक समय, नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राज्य के पानी के बंटवारे को लेकर एक अहम बयान दिया है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि वह फिलहाल राज्य का पानी अन्य राज्यों को नहीं भेजने देंगे। मुख्यमंत्री ने यह बयान एक प्रस्तावित योजना पर दिया, जिसके तहत जम्मू-कश्मीर की नदियों के अतिरिक्त जल को पंजाब, हरियाणा और राजस्थान भेजने के लिए 113 किलोमीटर लंबी नहर बनाने का विचार था।
उमर अब्दुल्ला ने कहा, “हम पहले अपने पानी का पूरा इस्तेमाल करने का हक रखते हैं। जम्मू शहर में पानी की किल्लत हो रही है, और नलों में पानी तक नहीं पहुंच रहा। ऐसे में, मैं पंजाब को पानी क्यों भेजूं?” उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जब जम्मू-कश्मीर को पानी की सख्त जरूरत थी, तब पंजाब ने शाहपुर कंडी बैराज और उझ प्रोजेक्ट के माध्यम से पानी देने में सहयोग नहीं किया था।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर को पहले अपने लोगों की जरूरतों को पूरा करने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी सरकार तुलबुल बैराज प्रोजेक्ट पर काम कर रही है, ताकि चेनाब नदी से जम्मू शहर के लिए पीने का पानी लाया जा सके।
उमर अब्दुल्ला ने ‘राब्ता’ ऑफिस के उद्घाटन के बाद मीडिया से बातचीत में यह भी बताया कि यह नया ऑफिस लोगों की शिकायतों को शीघ्र हल करने और डेटा आधारित निर्णय लेने के लिए स्थापित किया गया है। यह सरकार और जनता के बीच बेहतर तालमेल बनाने की दिशा में एक अहम कदम होगा।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जम्मू-कश्मीर को दोबारा राज्य का दर्जा देने का अपना वादा पूरा करेंगे, जैसा कि उन्होंने सोनमर्ग में किया था।
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