
यूनिक समय, नई दिल्ली। झारखंड के साहिबगंज जिले के भोगनाडीह में हूल दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान पुलिस और आदिवासी समुदाय के बीच हिंसक झड़प हो गई। प्रशासन से अनुमति न मिलने के बावजूद कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा था, जिसे रोकने पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच टकराव हो गया। बता दें की हर साल 30 जून को हूल दिवस मनाकर महान क्रांतिकारियों का नमन किया जाता है और उनकी जन्म स्थली भोगनाडीह में इन्हेंं श्रद्धापूर्वक श्रद्धांजलि देकर याद किया जाता है।
जानकारी के अनुसार, सिदो-कान्हू मुर्मू हूल फाउंडेशन द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन की मौजूदगी में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। हालांकि, प्रशासन ने पहले ही इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया था। बावजूद इसके कार्यक्रम शुरू हुआ, और जैसे ही पुलिस ने टेंट हटाने की कोशिश की, आदिवासी समुदाय आक्रोशित हो उठा। स्थिति बिगड़ने पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया और कुछ लोगों ने तीर भी चलाए।
जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने लाठीचार्ज किया और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इस झड़प में कई ग्रामीण और पुलिसकर्मी घायल हो गए। तीन पुलिसकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है। साहिबगंज के डिप्टी कमिश्नर हेमंत सती समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं।
फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और प्रशासन किसी भी संभावित उपद्रव को रोकने के लिए अलर्ट मोड पर है।
ये भी पढ़ें:- ईरान के शीर्ष शिया मौलवी ने ट्रंप और नेतन्याहू के खिलाफ फतवा किया जारी, दोनों को बताया ‘अल्लाह का दुश्मन’
Leave a Reply