Kanpur Lamborghini Case: तंबाकू कारोबारी का बेटा शिवम मिश्रा गिरफ्तार; ड्राइवर बदलकर बचने की साजिश नाकाम

Shivam Mishra, son of tobacco trader, arrested

यूनिक समय, नई दिल्ली। कानपुर के हाई-प्रोफाइल लैंबॉर्गिनी हादसे में कानून का शिकंजा कस गया है। तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और आज उसकी कोर्ट में पेशी होनी है। यह गिरफ्तारी उस समय हुई है जब इस मामले में ‘डमी ड्राइवर’ के जरिए मुख्य आरोपी को बचाने की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ। बुधवार को इस केस में तब नाटकीय मोड़ आया था, जब मोहन नाम के एक व्यक्ति ने कोर्ट पहुंचकर खुद को कार का ड्राइवर बताते हुए सरेंडर करने की अर्जी दी थी, लेकिन कोर्ट ने इस “यूटर्न” को सिरे से खारिज कर दिया।

ड्राइवर की झूठी कहानी और कोर्ट की फटकार

आरोपी शिवम के कथित ड्राइवर मोहन ने अपने वकील के साथ कोर्ट में पेश होकर एक मनगढ़ंत कहानी सुनाई थी। उसने दावा किया कि हादसे के वक्त स्टीयरिंग उसके हाथ में था और शिवम को अचानक “दौरा” पड़ने की वजह से वह घबरा गया था, जिससे संतुलन बिगड़ गया। उसने यह भी कहा कि हादसे के बाद वह कार के नीचे से निकलकर भाग गया था, जबकि बाउंसर्स ने शिवम को दूसरी गाड़ी में शिफ्ट किया।

हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को पूरी तरह नकारते हुए स्पष्ट किया कि पुलिस की आधिकारिक रिपोर्ट में शिवम मिश्रा ही मुख्य आरोपी है, मोहन नहीं। कोर्ट ने मोहन की समर्पण अर्जी खारिज करते हुए सख्त आदेश दिया कि दुर्घटना में शामिल करोड़ों की लैंबॉर्गिनी फिलहाल थाने में ही सीज रहेगी।

खौफनाक मंजर

यह दर्दनाक हादसा रविवार को रिंग वाला चौराहा के पास हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, केके मिश्रा की कंपनी से जुड़ी लैंबॉर्गिनी रेवुएल्टो इतनी तेज गति में थी कि वह अनियंत्रित होकर काल बन गई। कार ने पहले एक ऑटो रिक्शा को टक्कर मारी और फिर खड़ी मोटरसाइकिल को रौंदते हुए फुटपाथ पर जा चढ़ी।

हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मोटरसाइकिल सवार विशाल और सोनू त्रिपाठी टक्कर लगते ही कई फीट हवा में उछल गए। आरोप है कि कार मोटरसाइकिल के अगले पहिये को कुचलते हुए उसे काफी दूर तक घसीटती ले गई। इस घटना में ऑटो चालक तौसीफ अहमद सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर यह पुख्ता कर लिया है कि कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था। ड्राइवर मोहन का सरेंडर केवल एक कानूनी चाल थी ताकि रसूखदार आरोपी को बचाया जा सके। फिलहाल शिवम मिश्रा पुलिस की गिरफ्त में है और घायलों के परिवार न्याय की गुहार लगा रहे हैं।

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