Lamborghini Accident Case: मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा को कोर्ट से मिली जमानत, पुलिस की रिमांड अर्जी खारिज

Shivam Mishra gets bail from the court

यूनिक समय, नई दिल्ली। शहर के चर्चित और हाई-प्रोफाइल लैंबॉर्गिनी हादसे में मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा को बुधवार को जिला अदालत से बड़ी राहत मिली है। वकीलों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल और अदालती कामकाज के बहिष्कार के बीच हुई एक विशेष सुनवाई के दौरान कोर्ट ने शिवम की जमानत याचिका को मंजूरी दे दी। पुलिस प्रशासन के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि अदालत ने आरोपी से पूछताछ के लिए दाखिल की गई रिमांड अर्जी को आधारहीन बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया।

हड़ताल के बीच विशेष सुनवाई और कानूनी पेच

बुधवार को कानपुर कचहरी में वकीलों की हड़ताल के कारण माहौल काफी तनावपूर्ण था और अधिकांश न्यायिक कार्य ठप थे, लेकिन शिवम मिश्रा के मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस द्वारा दी गई रिमांड की दलीलों को पर्याप्त नहीं माना।

विशेष रूप से यह चर्चा का विषय रहा कि जिन धाराओं में शिवम के खिलाफ मामला दर्ज है, उनमें सजा का प्रावधान सात वर्ष से कम है। बार एसोसिएशन के कुछ पदाधिकारियों ने भी इस पर टिप्पणी की थी कि ऐसे मामलों में विधिक नियमों के अनुसार पुलिस स्तर पर ही जमानत दी जा सकती थी, जिसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया।

जमानत की शर्तें और रिहाई की प्रक्रिया

कानपुर की अदालत ने शिवम मिश्रा को राहत देते हुए उन्हें 20,000 रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश जारी किया है, हालांकि यह जमानत पूरी तरह बिना शर्त नहीं दी गई है। न्यायालय ने आरोपी को सख्त निर्देश दिए हैं कि उसे पुलिस विवेचना और जांच की पूरी प्रक्रिया में अनिवार्य रूप से सहयोग करना होगा। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि जांच अधिकारी जब भी पूछताछ के लिए शिवम को बुलाएंगे, उन्हें बिना किसी बहाने के पुलिस के समक्ष हाजिर होना पड़ेगा। मामले की अगली सुनवाई के लिए एक निश्चित तिथि निर्धारित कर दी गई है और तब तक के लिए आरोपी को किसी भी साक्ष्य या गवाह के साथ छेड़छाड़ न करने की कड़ी हिदायत भी दी गई है।

क्या था मामला?

कानपुर की सड़कों पर तेज रफ्तार लैंबॉर्गिनी कार से हुए इस हादसे ने पूरे प्रदेश का ध्यान खींचा था। हाई-प्रोफाइल मामला होने के कारण पुलिस पर सख्त कार्यवाही का दबाव था, लेकिन रिमांड अर्जी खारिज होने और जमानत मिलने के बाद अब जांच की दिशा और पुलिस की तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल, जमानत मिलने के बाद शिवम मिश्रा की जेल से रिहाई की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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