लश्कर के निशाने पर दिल्ली का लाल किला और चांदनी चौक के मंदिर; खुफिया एजेंसियों ने जारी की ‘हाई वॉर्निंग’

Lashkar targets Delhi's Red Fort and Mathura-Kashi temples

यूनिक समय, नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर सीमा पार से रची जा रही आतंकी साज़िशों के घेरे में है। खुफिया विभाग (Intelligence Bureau) ने एक बेहद गंभीर और ‘हाई अलर्ट’ जारी किया है, जिसमें खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले और चांदनी चौक के प्राचीन मंदिरों को दहलाने की फिराक में है। नवंबर 2025 में लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट की टीस अभी कम भी नहीं हुई थी कि आतंकियों ने एक बार फिर दिल्ली को दहलाने का ब्लूप्रिंट तैयार किया है।

हाई-इंटेंसिटी IED का खतरा

खुफिया सूत्रों के अनुसार, लश्कर के हैंडलर्स इस बार ISI की मदद से पंजाब के गैंगस्टरों का इस्तेमाल कर रहे हैं। साज़िश के तहत भीड़भाड़ वाले इलाकों में हाई-इंटेंसिटी वाले IED (Improvised Explosive Device) प्लांट करने की योजना है। ये विस्फोटक इतने शक्तिशाली हैं कि इन्हें किसी वाहन या लावारिस बैग में छिपाकर भारी तबाही मचाई जा सकती है।

बदले की आग और साम्प्रदायिक तनाव की साज़िश

लश्कर-ए-तैयबा ने कश्मीर की मस्जिदों और ‘शहीदों’ का बदला लेने के नाम पर दिल्ली को निशाना बनाने का ऐलान किया है। सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट्स के जरिए आतंकी संगठन ने सीधे तौर पर मंदिरों तक पहुँचने और साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की धमकी दी है। विशेष रूप से चांदनी चौक के दिगंबर जैन मंदिर, गौरी शंकर मंदिर और सीस गंज गुरुद्वारा जैसे व्यस्त स्थलों को ‘सॉफ्ट टारगेट’ के रूप में चिन्हित किया गया है।

सुरक्षा का अभेद्य किला

खुफिया अलर्ट के बाद दिल्ली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए लाल किले और उसके आसपास के पूरे क्षेत्र को ‘नो-गो ज़ोन’ जैसी कड़ी सुरक्षा के दायरे में ले लिया है। सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए लाल किले के मुख्य द्वारों और अन्य संवेदनशील बिंदुओं पर NSG कमांडोज को तैनात किया गया है, जो किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। सुरक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए पहली बार AI आधारित फेशियल रिकग्निशन कैमरों का व्यापक उपयोग किया जा रहा है, ताकि भीड़ में छिपे स्लीपर सेल के संदिग्धों की पहचान कर उन्हें तुरंत पकड़ा जा सके। इसके साथ ही सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों जैसे दिल्ली मेट्रो और रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा जांच को कई गुना बढ़ा दिया गया है, जहाँ डॉग स्क्वाड और एंटी-टेरर स्क्वाड (ATS) की टीमें निरंतर गश्त कर सुरक्षा सुनिश्चित कर रही हैं।

पुरानी दिल्ली में अलर्ट मोड

चांदनी चौक की तंग गलियों और वहां की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों से ‘आंख और कान’ बनने की अपील की है। सादी वर्दी में तैनात सुरक्षाकर्मी हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस साज़िश के पीछेISI का हाथ है, जो भारत में अस्थिरता फैलाना चाहता है।

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