
बिहार में मानसून के आगमन के साथ ही आकाशीय बिजली ने फिर कहर बरपाया है। पिछले 24 घंटे में राज्य के 10 जिलों में वज्रपात से 19 लोगों की जान चली गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस दर्दनाक घटना पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। साथ ही, उन्होंने सभी नागरिकों से खराब मौसम में सतर्क रहने की अपील की है।
जिलों के अनुसार, नालंदा में 5, वैशाली में 4, बांका और पटना में 2-2, जबकि शेखपुरा, औरंगाबाद, समस्तीपुर, नवादा, जमुई और जहानाबाद में एक-एक व्यक्ति की मौत दर्ज की गई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में काम कर रहे लोगों से सावधानी बरतने को कहा है।वज्रपात एक प्राकृतिक विद्युत घटना है जो तब होती है जब तूफानी बादलों के भीतर बिजली का असंतुलन बनता है। जब यह असंतुलन अत्यधिक हो जाता है, तो बिजली बादल से जमीन की ओर गिरती है, जिससे जान-माल का भारी नुकसान होता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इस प्रक्रिया में पैदा होने वाली गर्मी 30,000°C तक पहुंच सकती है। बिहार में हर साल वज्रपात से सैकड़ों मौतें होती हैं, विशेषकर खेती करने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में। सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग समय-समय पर जागरूकता अभियान और सुरक्षा निर्देश जारी करते रहते हैं, जिन्हें अपनाकर इस त्रासदी से बचा जा सकता है।
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