
यूनिक समय, मथुरा। श्री रंग मन्दिर के ब्रह्मोत्सव के चतुर्थ दिवस की प्रातःकालीन बेला में भगवान श्री गोदा रंगमन्नार ने चाँदी से निर्मित शेषनाग पर विराजते हुए भक्तों को अपने दिव्य दर्शन दिए। पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान लक्ष्मीपति श्रीनारायण वैकुण्ठ लोक एवं क्षीरसागर में श्री शेषनाग पर विराजते हैं, और आज सुबह भगवान श्री गोदा रंगमन्नार ने अपने भक्तों को लुभावने दर्शन प्रदान किए।
पूरे ब्रह्मांड के पालनहार, भगवान नारायण शेषनाग के आसन पर विराजमान होकर अपनी सृष्टि के कल्याण के लिए भक्तों का आशीर्वाद दे रहे हैं।
इससे पहले, ब्रह्मोत्सव के तृतीय दिवस की देर शाम भगवान श्री रंगनाथ ने अपने प्रिय भक्त हनुमान महाराज के कंधों पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देने के लिए सवारी निकाली। सवारी के दौरान बगीचा मैदान में भव्य आतिशबाजी का आयोजन किया गया, जिसे देखकर भक्तों में भारी उत्साह और रोमांच फैल गया।
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