
यूनिक समय, नई दिल्ली। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री का प्रभार संभाल रहे देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार (6 मार्च) को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट पेश किया। यह बजट ‘विकसित महाराष्ट्र’ के रोडमैप पर केंद्रित रहा, जिसमें किसानों, महिलाओं और ग्रामीण बुनियादी ढांचे के लिए बड़े ऐलान किए गए। बजट भाषण की शुरुआत में सदन दिवंगत नेता अजित पवार को याद कर भावुक हो गया, जिनके सम्मान में सीएम ने एक भव्य स्मारक बनाने की घोषणा की।
किसानों के लिए ‘महा-राहत’
महाराष्ट्र बजट 2026 में किसानों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमाफी योजना’ रही है, जिसके अंतर्गत 30 सितंबर 2025 तक बकाया 2 लाख रुपये तक के फसली ऋण को पूरी तरह माफ करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही सरकार ने उन ईमानदार किसानों का भी विशेष ध्यान रखा है जो नियमित रूप से अपने कर्ज की अदायगी करते रहे हैं, उन्हें 50,000 रुपये का प्रोत्साहन अनुदान (इंसेंटिव) देने की घोषणा की गई है। कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को सम्मान देते हुए वर्ष 2026 को ‘अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा और इसी उपलक्ष्य में महिला चरवाहों, मुर्गी पालन और बकरी पालन से जुड़ी महिलाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन कार्यक्रम और आर्थिक सहायता की योजनाएं लागू की जाएंगी।
महिलाओं और ग्रामीण विकास पर जोर
महाराष्ट्र बजट 2026 में महिलाओं और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया है कि राज्य की लोकप्रिय ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना’ को निरंतर जारी रखा जाएगा और इसके सुचारू संचालन के लिए बजट में पर्याप्त धनराशि का विशेष प्रावधान किया गया है।
ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूती देने के उद्देश्य से सरकार ने उन सभी गाँवों के कायाकल्प का निर्णय लिया है जिनकी आबादी 1,000 से अधिक है, जिन्हें अब मुख्य मार्गों से कंक्रीट की पक्की सड़कों के जरिए जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, ऊर्जा के क्षेत्र में परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत बने घरों पर रूफटॉप सोलर पैनल लगाने हेतु अतिरिक्त सब्सिडी देने की घोषणा की गई है, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बिजली की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
3. 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र को देश का ‘ग्रोथ इंजन’ बताते हुए एक अत्यंत दूरदर्शी लक्ष्य साझा किया है। बजट पेश करने के दौरान सदन का माहौल उस समय भावुक हो गया जब मुख्यमंत्री ने विमान हादसे में दिवंगत हुए पूर्व वित्त मंत्री अजित पवार को याद किया और उनके सम्मान में एक भव्य स्मारक बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया। इस दौरान पूरे सदन में ‘अजित दादा अमर रहे’ के नारे गूंज उठे, जो उनके प्रति सम्मान और राज्य के विकास में उनके द्वारा दिए गए वर्षों के योगदान को दर्शाते हैं।
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