Maharashtra Politics: सुनेत्रा पवार चुनी गईं NCP की नई राष्ट्रीय अध्यक्ष; कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से लिया फैसला

Sunetra Pawar elected as the new national president of NCP

यूनिक समय, नई दिल्ली। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के इतिहास में आज एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है। महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को आधिकारिक तौर पर पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया है। दिवंगत नेता और पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन के बाद उत्पन्न हुई नेतृत्व की शून्यता को भरते हुए, पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और अधिवेशन में यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया।

प्रफुल पटेल का भावुक संबोधन

पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद प्रफुल पटेल ने राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान सुनेत्रा पवार के नाम का औपचारिक प्रस्ताव रखते हुए बेहद भावुक संबोधन दिया और स्पष्ट किया कि अजित पवार के निधन के बाद भले ही बाहर कई कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर किसी के मन में कोई दुविधा या दूसरा विचार नहीं था।

उन्होंने खुद को अजित दादा का 35 साल पुराना साथी और पार्टी का संस्थापक सदस्य बताते हुए जोर दिया कि वर्तमान परिस्थितियों में संगठन को एकजुट रखने के लिए सुनेत्रा पवार ही सबसे उपयुक्त विकल्प हैं। प्रफुल पटेल के इस प्रस्ताव का अधिवेशन में मौजूद सभी नेताओं, 30 प्रमुख सेल के अध्यक्षों और प्रतिनिधियों ने एक स्वर में हाथ उठाकर पुरजोर समर्थन किया, जिसके बाद सर्वसम्मति से उनके नाम पर मुहर लगा दी गई।

डिप्टी सीएम से राष्ट्रीय अध्यक्ष तक का सफर

28 जनवरी 2026 को वरिष्ठ नेता अजित पवार के आकस्मिक और दुखद निधन के बाद उत्पन्न हुई कठिन परिस्थितियों में सुनेत्रा पवार ने पार्टी की कमान अत्यंत मजबूती और धैर्य के साथ संभाली है। उन्होंने 31 जनवरी को महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर राज्य प्रशासन में अपनी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित की और जनसेवा की विरासत को आगे बढ़ाया। इस नेतृत्व परिवर्तन के दौरान पार्टी के विभिन्न धड़ों, संगठनों और 30 प्रमुख सेल के अध्यक्षों ने एकजुट होकर प्रफुल पटेल को पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने पार्टी की विचारधारा और अजित दादा की राजनीतिक विरासत को सुरक्षित रखने के लिए सुनेत्रा पवार को ही राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की पुरजोर मांग की थी।

NCP के सामने चुनौतियां और भविष्य

सुनेत्रा पवार के कंधों पर अब न केवल पार्टी को संगठित रखने की जिम्मेदारी है, बल्कि आगामी चुनावों में अजित पवार की विरासत को आगे बढ़ाने की भी चुनौती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उन्हें अध्यक्ष चुनकर पार्टी ने ‘सहानुभूति’ और ‘मजबूत नेतृत्व’ का एक बैलेंस बनाने की कोशिश की है। सुनेत्रा पवार अब पार्टी के सभी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय निर्णयों के लिए सर्वोच्च अधिकारी होंगी।

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