
यूनिक समय, नई दिल्ली। बिहार की राजनीति में एक युग का अंत और नए समीकरणों की शुरुआत होती दिख रही है। एक तरफ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा चुनाव जीतकर अब दिल्ली की राजनीति में सक्रिय होने जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जेडीयू के ‘थिंक टैंक’ माने जाने वाले वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने पार्टी से अपना दशकों पुराना नाता तोड़ लिया है।
जेडीयू की सदस्यता से खुद को किया अलग
जेडीयू के कद्दावर नेता केसी त्यागी ने मंगलवार, 17 मार्च 2026 को एक सार्वजनिक पत्र के माध्यम से यह स्पष्ट कर दिया कि उन्होंने अपनी पार्टी की सदस्यता का नवीनीकरण नहीं कराया है, जिसके चलते तकनीकी रूप से अब उनका जनता दल (यूनाइटेड) के साथ दशकों पुराना आधिकारिक नाता टूट गया है। पार्टी के भीतर अपने बयानों की लगातार अनदेखी होने को इस अलगाव की मुख्य वजह माना जा रहा है, हालांकि उन्होंने नीतीश कुमार के प्रति अपने व्यक्तिगत सम्मान को बरकरार रखने की बात कही है। दिल्ली की राष्ट्रीय राजनीति में जेडीयू का पक्ष मजबूती से रखने वाले अनुभवी रणनीतिकार त्यागी का जाना पार्टी के लिए एक बड़ा संगठनात्मक और कूटनीतिक झटका माना जा रहा है।
22 मार्च को होगी महाबैठक?
केसी त्यागी ने अपनी भविष्य की राजनीतिक राह को स्पष्ट करते हुए पत्र में यह साझा किया है कि आगामी 22 मार्च 2026 को नई दिल्ली के मावलंकर हॉल में एक ‘महाबैठक’ का आयोजन किया गया है। इस महत्वपूर्ण जमावड़े में देशभर से ‘समान विचारधारा’ वाले प्रमुख नेता और हस्तियां जुटेंगी, जहां वर्तमान राष्ट्रीय राजनीतिक परिस्थितियों और चुनौतियों पर गहन मंथन किया जाएगा। माना जा रहा है कि इसी बैठक के बाद त्यागी किसी ‘तीसरे मोर्चे’ के गठन या एक नई राजनीतिक पार्टी की स्थापना को लेकर अपनी औपचारिक घोषणा कर सकते हैं।
नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
यह भी पढ़े: India News: ईंधन संकट के बीच बड़ी राहत; 46,500 टन LPG लेकर गुजरात पहुँचा भारतीय जहाज ‘नंदा देवी’
Leave a Reply