
यूनिक समय, नई दिल्ली। मराठा आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल का आजाद मैदान में अनशन आज पांचवें दिन भी जारी है। इसी बीच, पुलिस ने जरांगे को मैदान खाली करने का नोटिस जारी किया है और बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी प्रदर्शनकारियों को सड़कों से हटने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि प्रदर्शन के कारण शहर थम गया है और इससे आम लोगों को असुविधा हो रही है।
हाई कोर्ट ने लगाई फटकार
सोमवार को हाई कोर्ट ने एक विशेष सुनवाई में मराठा प्रदर्शनकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण नहीं है और सभी शर्तों का उल्लंघन हुआ है। कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों को तुरंत सड़कों से हटकर निर्धारित स्थान पर वापस जाने को कहा। कोर्ट के इस आदेश के बाद जरांगे ने अपने समर्थकों से अपील की कि वे सड़कों को खाली कर दें।
पुलिस ने रद्द की परमिशन
मुंबई पुलिस ने भी नोटिस जारी कर कहा कि आजाद मैदान में केवल 5,000 लोगों को प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी, जबकि वहां इससे कहीं ज्यादा लोग जमा हो गए हैं। पुलिस ने यह भी कहा कि कई प्रदर्शनकारियों ने आत्महत्या का प्रयास करके नियमों का उल्लंघन किया है, जिसके कारण मनोज जरांगे की परमिशन रद्द की जा रही है। जरांगे को आजाद मैदान खाली करने को कहा है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा कि कुछ लोग अपने फायदे के लिए मराठा आरक्षण आंदोलन का राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रहे हैं और ऐसा करने वालों को अंततः इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा, “यह एक सामाजिक मुद्दा है, लेकिन कुछ लोग इसका राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ लोग अपने फायदे के लिए इस स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन मैं कहता हूँ, जो लोग इस मुद्दे पर अपनी रोटियाँ सेंकने की कोशिश करेंगे, उनका मुँह जलेगा। इसलिए, किसी को भी अपने निजी फायदे के लिए सामाजिक मुद्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।”
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