
यूनिक समय, मथुरा। यमुनापार इलाके की एक वाटिका में काम करने वाले व्यक्ति (वाटिकाकर्मी) के पिछले छह दिनों से लापता होने और पुलिस द्वारा उचित कार्रवाई न किए जाने से क्षुब्ध परिजनों ने ग्रामीणों के साथ थाने पर जमकर हंगामा किया। पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए एक युवक ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसने रणवीर की हत्या कर शव को यमुना में फेंक दिया है। इस खुलासे के बाद परिवार में कोहराम मच गया है।
क्या है पूरा मामला?
थाना महावन के गांव नगला लोका निवासी रणवीर सिंह थाना यमुनापार स्थित उमा वाटिका में लंबे समय से नौकरी कर रहे थे। बीती 18 जनवरी को वह घर से ड्यूटी के लिए निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिजनों ने जब वाटिका जाकर पूछताछ की, तो उन्हें वहां से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद परिवार ने थाना यमुनापार में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में मामले में कोई रुचि नहीं दिखाई।
परिजनों का आक्रोश और खुलासा
परिजन लगातार वाटिका संचालक के बेटे से पूछताछ की मांग कर रहे थे, लेकिन पुलिस की शिथिलता देख शुक्रवार को परिवार की महिलाओं और ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर हंगामा शुरू कर दिया। दबाव बढ़ता देख थाना प्रभारी निरीक्षक ने वाटिका संचालक के करीबी सोनू को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
सोनू से कड़ाई से पूछताछ करने पर पुलिस भी सन्न रह गई। आरोपी सोनू ने स्वीकार किया कि उसने रणवीर सिंह (वाटिकाकर्मी) की हत्या करने के बाद शव को बोरे में भरकर यमुना में फेंक दिया है। इस जानकारी के बाद पुलिस अब गोताखोरों की मदद से यमुना में रणवीर के शव की तलाश कर रही है। हालांकि, परिजनों ने अभी इस मामले में पुलिस को लिखित तहरीर नहीं दी है, लेकिन पुलिस कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
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