Mathura News: संजय नगर के ध्वस्तीकरण नोटिस पर बरसी कांग्रेस; जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप पुनर्वास की उठाई मांग

Congress lashed out at the demolition notice in Sanjay Nagar

यूनिक समय, मथुरा। कान्हा की नगरी में एक बार फिर बुलडोजर की आहट ने गरीबों की नींद उड़ा दी है। मथुरा के संजय नगर क्षेत्र में प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष यतेन्द्र मुकद्दम के नेतृत्व में बड़ी संख्या में संजय नगर के निवासियों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया और प्रशासन की इस कार्रवाई को अमानवीय बताते हुए ज्ञापन सौंपा।

50 वर्षों की बसावट पर ‘अवैध’ का ठप्पा

ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को अवगत कराया गया कि संजय नगर में वाल्मीकि और जाटव समाज के सैकड़ों परिवार पिछले 50 वर्षों से निवास कर रहे हैं। इन परिवारों का कहना है कि वे पीढ़ी दर पीढ़ी यहाँ रह रहे हैं और नगर निगम को नियमित रूप से गृह कर (House Tax) और जल कर का भुगतान कर रहे हैं। आश्चर्य की बात यह है कि इनमें से कई मकान प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी सरकारी योजनाओं के तहत बने हैं, जिन्हें अब विभाग अवैध बता रहा है।

7 दिन का अल्टीमेटम और स्थानीय लोगों में आक्रोश

विवाद की मुख्य जड़ अपर खंड आगरा नहर के अधिशासी अभियंता द्वारा जारी नोटिस है। विभाग ने खसरा संख्या 291 में बने इन मकानों को नहर की भूमि पर अतिक्रमण बताते हुए 7 दिन के भीतर खुद ही हटाने का निर्देश चस्पा किया है। नोटिस के बाद से ही क्षेत्र में दहशत का माहौल है। मजदूरों और दिहाड़ी कामगारों का कहना है कि भीषण ठंड में उनके सिर से छत छीनना उनके जीवन के साथ खिलवाड़ है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश और पुनर्वास की मांग

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए प्रशासन को घेरा। यतेन्द्र मुकद्दम ने स्पष्ट किया कि “अदालत ने भले ही तकनीकी आधार पर याचिकाएं खारिज की हों, लेकिन राज्य सरकार को यह स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ध्वस्तीकरण से पहले प्रभावित लोगों के लिए पुनर्वास (Rehabilitation) की ठोस योजना बनाई जाए।” कांग्रेस की मांग है कि जब तक इन गरीब परिवारों को रहने के लिए वैकल्पिक स्थान नहीं दिया जाता, तब तक किसी भी घर को न गिराया जाए।

“अमानवीय है गरीबों के घर उजाड़ना”

यतेन्द्र मुकद्दम ने कड़े शब्दों में कहा कि एक तरफ सरकार गरीबों को आवास देने का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ उनके बने-बनाए घरों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस पार्टी इन पीड़ित परिवारों के साथ सड़क से लेकर न्यायालय तक संघर्ष करेगी। जिलाधिकारी कार्यालय पर हुए इस प्रदर्शन में महिलाओं और बुजुर्गों की भारी मौजूदगी ने प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है।

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