
यूनिक समय, मथुरा। अपर सत्र न्यायाधीश/ अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट) न्यायालय कक्ष संख्या दो ब्रिजेश कुमार ने एक 8 साल की बच्ची का अपहरण कर उसके साथ दुराचार करने के बाद हत्या कर शव को छिपाने के मामले में अभियुक्त फांसी की सजा और तीन लाख बीस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
एडीजीसी सुभाष चतुर्वेदी और विशेष लोक अभियोजक रामपाल सिंह ने बताया कि थाना वृंदावन के गांव सुनरख (जो अब थाना जैंत में आता है) वहां के रहने वाले एक व्यक्ति की आठ साल की बेटी 26 नवंबर 2020 को सायं करीब चार बजे घर से अचानक लापता हो गई। परिवार के लोगों ने 8 साल की बच्ची को काफी तलाश किया,लेकिन उसका कुछ पता नहीं चलने पर पिता ने उसकी गुमशुदगी वृंदावन थाने में दर्ज कराई। बच्ची ने गुलाबी रंग की फ्रॉक और गाले रंग की जेकेट जिसके बाजू गुलाबी थे।
चमकीली चप्पल पहन रखी थी। इसके साथ ही बच्ची का हुलिया भी दर्ज कराया। 27 नवंबर को पुलिस ने बच्ची का शव सुनरख जंगल के नाले के समीप से बरामद किया था। इस मामले की विवेचना उप निरीक्षक सोनू भाटी ने की। सोनू भाटी ने साक्ष्यों को संकलन किया और बच्ची के साथ दुराचार और हत्याकरने के मामले में अभियुक्त महेश उर्फ मसुआ पुत्र किशन सिंह निवासी गांव सुमाली थाना छाता को 28 नवंबर को वहीं बने एक कोठरी से गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्त उसी समय से जेल में है।
मुकदमे विवेचना अधिकारी ने अभियुक्त के खिलाफ सभी धाराओं में जिसमें एससीएचटी एक्ट भी शामिल है, आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित कर दिए। मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश/ अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट) न्यायालय कक्ष संख्या दो ब्रिजेश कुमार की अदालत में हुई। न्यायाधीश ने अभियुक्त को दोषी मानते हुए उक्त सजा से दंडित किया।.
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