
यूनिक समय, मथुरा। नवसंवत्सर के पावन अवसर पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बुधवार को ब्रजधाम पहुंचे। उन्होंने प्राचीन सप्त देवालयों में से एक, ठाकुर मदन मोहन जी के मंदिर में विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया। मंदिर के सेवायतों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजा संपन्न कराई और उन्हें प्रसादी माला एवं पटका भेंट कर उनका भव्य स्वागत किया।
सनातनी एकता और सामाजिक समरसता का संदेश
मीडिया से मुखातिब होते हुए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदू नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और पूरे समाज से एकजुट रहने का पुरजोर आह्वान किया। उन्होंने भेदभाव मुक्त भारत का संकल्प दोहराते हुए कहा कि वृंदावन में छुआछूत मिटाने के उद्देश्य से निकाली जा रही भव्य शोभायात्रा एक अत्यंत सराहनीय पहल है।
मृदुल कांत शास्त्री के नेतृत्व में निकलने वाली इस यात्रा में शामिल 21 डोले और विभिन्न झांकियां सनातनी एकता का शक्तिशाली संदेश देंगी। ब्रज की महिमा का बखान करते हुए उन्होंने भावुक स्वर में कहा कि वृंदावन की रज के कण-कण में राधारानी का वास है और वे स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें नववर्ष पर डोलों को दंडवत करने और बरसाना में पूज्य विनोद बाबा के दर्शन का पावन अवसर मिला।
हालांकि, जहाँ एक ओर वे सनातनी मुद्दों पर पूरी तरह मुखर दिखे, वहीं सड़कों पर नमाज और अन्य राजनीतिक विवादास्पद सवालों पर उन्होंने बेहद सधी हुई प्रतिक्रिया देते हुए चुप्पी साधे रखी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में इन सवालों को यह कहते हुए टाल दिया कि इन विषयों पर जो भी निर्णय लेना होगा वह सरकार लेगी और उनका इससे कोई व्यक्तिगत लेना-देना नहीं है।
कुलदीप यादव को भी दिया आशीर्वाद
वृंदावन आने से पहले धीरेंद्र शास्त्री उत्तराखंड के दौरे पर थे, जहाँ उन्होंने भारतीय क्रिकेटर कुलदीप यादव और उनके परिवार से मुलाकात कर उन्हें अपना आशीर्वाद प्रदान किया। काशी से लेकर कान्हा की नगरी तक, धीरेंद्र शास्त्री का यह दौरा हिंदुत्व और सामाजिक समरसता को जोड़ने की एक बड़ी कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
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