
यूनिक समय, मथुरा। शराब के ठेकों को बंद कराने को लेकर हंगामा करने वाले गौ-रक्षक दक्ष चौधरी सहित पांच आरोपियों की जमानत याचिका को सीजेएम डा. उत्सव गौरव राज की कोर्ट ने लम्बी सुनवाई के बाद मंजूर कर लिया। ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी एसपी यादव ने पुलिस की ओर से जमानत याचिका का पुरजोर विरोध किया, लेकिन पुलिस की ओर से पेश की गई केस डायरी में भारत की सम्प्रभुता, एकता और अखंडता को खंडित करने वाली धारा हटा लिया गया था। इसके चलते अन्य सभी जमानती धाराओं के तहत सभी की जमानत याचिका मंजूर कर ली।
विदित हो कि बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री के आग्रह के बाद कुछ युवकों ने 17 नवंबर को तीन शराब के ठेकों को जबरदस्ती बंद कराया था। ठेके के सेल्समैन जितेन्द्र की तीक्ष्ण पर वृंदावन गन्ने की पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर हंगामा करने वाले शिब्बो व कपिल को गिरफ्तार कर लिया था।
घटना में शामिल अन्य आरोपी युधिष्ठर पुत्र भागीरथ सिंह निवासी बुलंदा थाना धौलाना जिला हापुड़, अमित कुमार पुत्र रामकिशोर निवासी फ्लैट नंबर 102 नीलगिरी अपार्टमेंट ए, 24-25 द्वारिका मोड़ थाना मोहनगण जिला पश्चिमी दिल्ली, अभिषेक पुत्र विजय बहादुर सिंह निवासी ए- 479 गामड़ी चौथा पुस्ता थाना उस्मानपुर जिला पूर्वी दिल्ली मूल निवासी ग्राम कुंभी थाना शिवगढ़ जिला रायबरेली, दक्ष चौधरी निष्ठा दीपक पुत्र राधेश्याम निवासी जी 86/1 गली नंबर 3 शास्त्री पार्क थाना उस्मानपुर जिला पूर्वी दिल्ली व दुर्योधन निष्ठा विशाल सिसौदिया पुत्र सन्तोष कुमार निवासी ग्राम दादोपुर खटाना थाना जारचा जिला गौतमबुद्ध नगर को गिरफ्तार कर सीजेएम की कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने सभी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।
शुक्रवार को सभी आरोपियों ने वकील के माध्यम से सीजेएम डा. उत्सव गौरव राज की कोर्ट में जमानत के लिए याचिका दाखिल की। कोर्ट में जमानत याचिका का पुरजोर विरोध किया गया।
कोर्ट को बताया गया कि सभी आरोपियों ने सरकारी संस्था को बंद कराने का प्रयास किया, जिससे सरकार को राजस्व की हानि हो सकती थी। साथ ही लोक व्यवस्था भी छिन्न भिन्न हो सकती थी। बचाव पक्ष के वकील गोपाल गौतम ने बताया कि गौ-रक्षकों की ओर से कोई अपराध नहीं किया गया था।
पुलिस की जांच में भारत की सम्प्रभुता, एकता और अखंडता को खंडित करने जैसी गंभीर घटना का होना नहीं पाया गया। आजाद भारत में सभी को अपनी बात कहने का हक है। कोर्ट ने सभी गौ-रक्षकों की जमानत याचिका को मंजूर कर लिया।
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