
यूनिक समय, मथुरा। धर्मनगरी वृंदावन की चैतन्य विहार कॉलोनी स्थित राजकीय बालिका संरक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए पांच नाबालिग लड़कियां अचानक फरार हो गईं। इस घटना ने प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा दिया है। फरार किशोरियों की उम्र 14 से 17 वर्ष के बीच है। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी से 2 लड़कियों को बरामद कर लिया गया है, लेकिन 3 अब भी लापता हैं।
सुरक्षा घेरा तोड़कर निकलीं नाबालिग
घटना की भनक लगते ही संरक्षण गृह की अधीक्षिका गायत्री मिश्रा ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार खुद मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से तीखे सवाल पूछे। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि इतनी कड़ी सुरक्षा और ऊँची दीवारों के बावजूद किशोरियों का फरार होना एक बड़ी सुरक्षा चूक है।
2 बरामद, 3 की तलाश में पुलिस दे रही दबिश
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे इलाके की नाकेबंदी की और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। कुछ ही घंटों की मशक्कत के बाद पुलिस ने 5 में से दो किशोरियों को सकुशल ढूंढ निकाला। शेष तीन लड़कियों की तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं, जो रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। जिला समाज कल्याण विभाग की तहरीर पर वृंदावन थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है।
एसएसपी की चेतावनी
एसएसपी श्लोक कुमार ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा कि यह घटना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा लगती है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि जांच के दौरान यदि किसी भी कर्मचारी या सुरक्षाकर्मी की मिलीभगत या ढिलाई सामने आती है, तो उनके खिलाफ निलंबन और कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
राजकीय बालिका संरक्षण गृह जैसे संवेदनशील स्थान से एक साथ पांच लड़कियों का भाग जाना कई सवाल खड़े करता है। प्रशासन ने आम जनता से सहयोग की अपील की है और कहा है कि यदि कोई संदिग्ध नाबालिग लड़की दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें।
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